लखनऊ : मध्याह्न भोजन प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश ने पी०एम० पोषण (मध्याह्न भोजन) योजना के अंतर्गत अतिरिक्त पोषक तत्व उपलब्ध कराने के लिए नया दिशा–निर्देश जारी किया है। वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए अतिरिक्त 5% बजट के आधार पर प्रदेश के सभी जिलों में पंजीकृत विद्यार्थियों को “सल्प्लीमेंट्री न्यूट्रीशन” देने का निर्णय लिया गया है।
दिसंबर से मार्च तक चलेगी व्यवस्था
योजना के अनुसार दिसंबर 2025 से मार्च 2026 तक चार माह की अवधि में प्रदेश के आधारभूत विद्यालयों में प्रत्येक पंजीकृत छात्र को सप्ताह में एक दिन अतिरिक्त पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। प्रति छात्र प्रति दिवस ₹5 मूल्य की न्यूट्रीशन सामग्री प्रदान की जाएगी।
मंगलवार को होगा वितरण
"सल्प्लीमेंट्री न्यूट्रीशन" का साप्ताहिक वितरण प्रत्येक मंगलवार को किया जाएगा। यदि किसी कारणवश विद्यालय अवकाश हो, तो वितरण अगले कार्यदिवस में किया जाएगा।
कौन–कौन सी सामग्री मिलेगी?
अतिरिक्त पोषण सामग्री में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध विकल्पों को प्राथमिकता दी जाएगी, जैसे—
- मूंगफली
- चना/चना दाल से बने लड्डू
- गुड़-तिल-गुड़मुंगल के लड्डू
- सोयाबीन
- लड्डू/बाजरा
- ऊर्जा बार (न्यूनतम 20 ग्राम)
- पका चना (न्यूनतम 50 ग्राम)
इसके अलावा विभिन्न जिलों में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध उपयुक्त खाद्य सामग्री भी सम्बंधित जिलाधिकारी की अनुमति से वितरित की जा सकेगी।
निरीक्षण और सत्यापन व्यवस्था
योजना की निगरानी के लिए विस्तृत व्यवस्था की गई है—
- विद्यालय स्तर पर उपलब्धता की सूचना ब्लॉक को भेजी जाएगी।
- जिला एवं विकासखण्ड स्तर की टास्क फोर्स निरीक्षण करेगी।
- राज्य स्तर पर सोशल ऑडिट के माध्यम से मूल्यांकन किया जाएगा।
- एम०आई०एस०/एसएमसी के माध्यम से गुणवत्ता युक्त खाद्य सामग्री वितरण का सत्यापन होगा।
जिलों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश
प्राधिकरण ने सभी जिलाधिकारियों, जिला विद्यालय निरीक्षकों तथा शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिया है कि योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु आवश्यक तैयारी करते हुए वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करें।
इस आदेश के साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि 03 दिसंबर 2025 से संबंधित दिशानिर्देश प्रभावी होंगे, और सभी विद्यालयों में समयबद्ध रूप से पोषण सामग्री का वितरण अनिवार्य रूप से कराया जाएगा।




