लखनऊ। विधान परिषद में शुक्रवार को सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया कि शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों के मानदेय वृद्धि के विषय में शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया कि इस संबंध में लिया गया निर्णय सदन को भी अवगत कराया जाएगा।
प्रश्नकाल के दौरान समाजवादी पार्टी के सदस्य आशुतोष सिन्हा ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों से शिक्षकों के बराबर, बल्कि कई बार उनसे अधिक कार्य लिया जाता है, इसके बावजूद उन्हें अत्यंत कम मानदेय दिया जा रहा है। उन्होंने इसे शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मियों के साथ अन्याय बताया।
सरकार की ओर से दिए गए इस आश्वासन के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों के लंबे समय से चले आ रहे मानदेय वृद्धि के मुद्दे पर जल्द कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा, जिससे बड़ी संख्या में कार्यरत शिक्षा कर्मियों को राहत मिल सकेगी।


