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अब अभिभावकों के आधार कार्ड से मिलेगी डीबीटी राशि, बच्चों को समय पर मिलेगा यूनिफॉर्म व अन्य सामान का लाभ

Sir Ji Ki Pathshala

चंदौसी। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को अब यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, बैग और स्टेशनरी के लिए मिलने वाली डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) राशि के लिए बच्चों के आधार कार्ड की बाध्यता खत्म कर दी गई है। शासन ने बड़ा निर्णय लेते हुए निर्देश जारी किए हैं कि अब डीबीटी की धनराशि अभिभावकों के आधार कार्ड के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।


DBT


इस निर्णय से अब उन अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी, जिनके बच्चों का आधार कार्ड अभी तक नहीं बन पाया था। पहले डीबीटी की राशि भेजने के लिए बच्चों के आधार कार्ड का सत्यापन अनिवार्य था, जिसके कारण हजारों बच्चों को लाभ से वंचित रहना पड़ता था।


जिले में 1289 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में लगभग 1,62,000 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन बच्चों के अभिभावकों के खातों में हर वर्ष ₹1200 की डीबीटी राशि भेजी जाती है, जिसमें ₹600 यूनिफॉर्म, ₹175 स्कूल बैग, ₹125 जूते-मोजे, ₹200 स्वेटर और ₹100 स्टेशनरी के लिए निर्धारित हैं।


जिला समन्वयक विक्रम सिंह ने बताया कि अब डीबीटी के लिए केवल अभिभावकों के बैंक खाते और आधार का विवरण जरूरी रहेगा। उन्होंने बताया कि अब तक 1,30,498 बच्चों को डीबीटी का लाभ मिल चुका है, जबकि 29,666 बच्चों का डेटा सत्यापन कर शासन को भेजा गया है। वहीं, लगभग 2,948 अभिभावकों के आधार कार्ड अभी बैंक खातों से सीड नहीं हुए हैं, जिनकी प्रक्रिया तेजी से जारी है।

मुख्य बिंदु:

  • बच्चों के आधार कार्ड की अनिवार्यता खत्म
  • अभिभावकों के आधार से सीधे खाते में जाएगी डीबीटी राशि
  • 1.30 लाख से अधिक बच्चों को मिला लाभ
  • 1200 रुपये की राशि में यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, बैग, स्वेटर व स्टेशनरी शामिल


शासन के इस फैसले से अब बच्चों को यूनिफॉर्म और अन्य आवश्यक सामग्रियों के लिए धनराशि समय पर मिल सकेगी, जिससे शिक्षा सत्र की शुरुआत में ही सभी विद्यार्थियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो जाएंगी।