Type Here to Get Search Results !
UPDATES
🔴 यूपी होमगार्ड भर्ती परीक्षा 2025 का रिजल्ट जारी, जनपदवार CutOff देखने के लिए यहां क्लिक करे Breaking 🔴 भीषण गर्मी के चलते UP के इन जिलों के स्कूलों का समय बदला, देखें नई लिस्ट Breaking 🔴 iGOT पोर्टल: सभी उपलब्ध कोर्स लिंक New 🔴 UPTET 2026: एग्जाम सिटी स्लिप यहाँ से डाउनलोड करें New 🔴 प्रेरणा पोर्टल: छात्र व अभिभावक आधार वेरिफिकेशन प्रक्रिया 🔴 शिक्षक कैशलेस योजना: आवेदन, स्टेटस और EKYC अपडेट New 🔴 UP कैशलेस हॉस्पिटल लिस्ट 2026: अपने जिले का अस्पताल देखें New 🔴 UP B.Ed काउंसलिंग: 1 जुलाई से शुरू, देखें पूरा शेड्यूल Hot 🔴 SMC बैठक रजिस्टर जुलाई 2026: एजेंडा और कार्यवाही देखें New 🔴 ईको क्लब जुलाई 2026: मुख्य गतिविधियाँ एवं कार्य-योजना New
ADVERTISEMENT

मृतक आश्रित कोटे में उच्च पद पर नहीं मिलेगी नौकरी, सरकारी सेवकों के आश्रितों की भर्ती (चौदहवां संशोधन) नियमावली 2025 जारी

Sir Ji Ki Pathshala

मृतक आश्रित कोटे में उच्च पद पर नहीं मिलेगी नौकरी, सरकारी सेवकों के आश्रितों की भर्ती (चौदहवां संशोधन) नियमावली 2025 जारी

लखनऊ। प्रदेश में समूह ग और घ के पद पर कार्यरत कर्मचारी की सेवाकाल के दौरान मौत होने पर उसके आश्रित को उसी श्रेणी से उच्च पदों पर नौकरी नहीं दी जाएगी। प्रमुख सचिव कार्मिक एम देवराज ने मंगलवार को इसके लिए उत्तर प्रदेश सेवाकाल में मृत सरकारी सेवकों के आश्रितों की भर्ती (चौदहवां संशोधन) नियमावली-2025 जारी कर दी है।

नियमावली के नियम 5 (1) में इसका प्रावधान कर दिया गया है। अब मृतक सरकारी सेवक जिस समूह में मृत्यु के समय कार्यरत था, उसके आश्रित को उस समूह से उच्चतर वर्ग में नौकरी नहीं दी जाएगी। नौकरी पाने के दौरान यदि उसे टाइपिंग नहीं आती है तो उसे एक साल में कम से कम 25 शब्द

प्रति मिनट करना सीखना होगा। अनुकंपा पर नौकरी पाने वाला यदि एक साल में टाइपिंग नहीं सीख पाता है तो उसे चतुर्थ श्रेणी के पद पर कर दिया जाएगा और वह तय समय में कार्यभार ग्रहण नहीं करता है, तो उसकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परिधि में आने वाले पदों या पूर्व में इसमें आने वाले या फिर उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से भर्ती होने वाले पदों पर आश्रितों को अनुकंपा पर नौकरी नहीं दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल प्रेमलता बनाम राज्य सरकार व अन्य में 5 अक्तूबर 2021 में पारित आदेश के आधार पर यह फैसला किया गया है।

Top Post Ad

ADVERTISEMENT

Bottom Post Ad

ADVERTISEMENT