Type Here to Get Search Results !

शैक्षिक संस्थानों में विद्यार्थियों की आत्महत्या के बढ़ते मामलों और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में इजाफा एक गंभीर संकट, SC ने बनाए दिशा-निर्देश

Sir Ji Ki Pathshala

शैक्षिक संस्थानों में विद्यार्थियों की आत्महत्या के बढ़ते मामलों और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में इजाफा एक गंभीर संकट, SC ने बनाए दिशा-निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को शैक्षिक संस्थानों में विद्यार्थियों की आत्महत्या के बढ़ते मामलों और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में बढ़ोतरी पर चिंता जताई। शीर्ष कोर्ट ने इसे गंभीर संकट मानते हुए इससे निपटने के लिए देशव्यापी दिशानिर्देश जारी किए। केंद्र और राज्य सरकारों को इस पर 90 दिनों में पालन रिपोर्ट पेश करनी होगी।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि देश में छात्रों की आत्महत्या रोकने के लिए प्रभावी कानूनी ढांचे की कमी है, खासकर स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग सेंटरों में 15 दिशा निर्देश जारी करते हुए पीठ ने कहा कि इनका पालन तब तक अनिवार्य रहेगा जब तक सरकार इस विषय पर कोई कानून या नियामक ढांचा नहीं बनाती।

मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों की नियुक्ति 

कई दिशानिर्देश पारित करते हुए पीठ ने कहा कि 100 या अधिक विद्यार्थी वाले सभी शैक्षिक संस्थानों को बाल एवं किशोर मानसिक स्वास्थ्य में प्रशिक्षण प्राप्त कम से कम एक योग्य परामर्शदाता, मनोचिकित्सक या सामाजिक कार्यकर्ता की नियुक्ति करनी चाहिए।

Top Post Ad

Bottom Post Ad