B.Ed, M.Ed एक वर्षीय कोर्सेज समेत 9 टीचिंग कोर्सेज के लिए नए नियमों पर आज लगेगी मुहर
नई दिल्ली, देश में नौ तरह के शिक्षण पाठ्यक्रमों के लिए तैयार किए गए नये नियमों पर आज बुधवार को मुहर लगेगी। आज राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की गवर्निंग बॉडी की बैठक है, जिसमें नए नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा। एनसीटीई के चेयरमैन प्रो. पंकज अरोड़ा ने बताया, ड्रॉफ्ट रेगुलेशंस पर 7000 से ज्यादा सुझाव मिले हैं और हर सुझाव का विश्लेषण किया जा रहा है। जो भी फीडबैक मिला है, उसके हर पहलू को देखने के लिए हाई लेवल विशेषज्ञ समिति बनाई गई है। यह समिति देखेगी कि किन सुझावों को नए रेगुलेशंस में शामिल किया जाना है, उसके बाद अंतिम रूप से नियम तय किए जाएंगे।
प्रो. अरोड़ा ने बताया कि गवर्निंग बॉडी की मंजूरी के बाद नए नियमों को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। नए रेगुलेशंस में टीचिंग कोर्सेज में बड़े बदलावों का रोडमैप तैयार किया गया है, जिसमें एक-एक साल के B.Ed ( बैचलर ऑफ एजुकेशन) और M.Ed (मास्टर ऑफ एजुकेशन) कोर्स के साथ मास्टर ऑफ एजुकेशन प्रोग्राम (पार्ट टाइम) की भी वापसी सुनिश्चित हो सकेगी। प्रो. अरोड़ा का कहना है कि जो फीडबैक मिला है, उसमें कुछ अडिशनल एलिजिबिलिटी शर्तों को शामिल किए जाने की भी बात है।
वर्ष 2026 से टीचिंग प्रोग्राम में होंगे बड़े बदलाव :
देश में वर्ष 2026 से टीचिंग प्रोग्राम में काफी बदलाव होंगे। 4- ईयर इंटीग्रेटिड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP ) कोर्स में भी नई स्ट्रीम जोड़ी गई हैं। ये 9 कोर्स 2026 बैच से लागू होंगे। एनसीटीई चेयरमैन ने कहा, कोई टीचिंग इंस्टिट्यूट छात्रों से डोनेशन या कैपिटेशन फीस नहीं ले सकता है।


