छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने की जिम्मेदारी न केवल शिक्षकों की, बल्कि ग्राम प्रधान और अधिकारियों की भी है - उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ
उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ उन्नाव की मासिक बैठक सोना पैलेस में आहूत की गई जिसमें समस्त विकास खंडों की पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। आज की बैठक में शिक्षकों की प्रमुख समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें मुख्य समस्या विद्यालयों के समस्त स्टाफ का वेतन अवरुद्ध करने एवं चयन वेतनमान पत्रावली का निस्तारण ना होने संबंधी एवं ऑनलाइन सेवा पुस्तिका होने के पश्चात भी ऑफलाइन सेवा पुस्तिका का सत्यापन मांगे जाना एवं शिक्षकों को प्रदत्त अवकाश अवरुद्ध करने संबंधी मांगे प्रमुख रही।

गत माह 7 सितंबर 2024 को मुख्य विकास अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर शिक्षक संगठन के पदाधिकारी ने अपनी प्रमुख समस्याओं के विषय में अवगत कराया था किंतु संबंध में अभी तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ है, साथ ही हाल ही में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी महोदय उन्नाव द्वारा 16 अक्टूबर से 4 दिसंबर तक शिक्षकों के सभी प्रकार के अवकाशों पर रोक लगा दी गई है। शिक्षकों का कहना था कि यह त्यौहार का समय है, दीपावली पर ऊपर गैर जनपद से सेवाएं दे रहे शिक्षक एवं कर्मचारी अपने गृह जनपद अपने परिजनों के साथ दीपावली का पर्व मनाने जाते हैं, ऐसे में अवकाश बाधित करने से शिक्षक अपने परिजनों के साथ दीपावली छठ पूजा जैसे पर्व नहीं बना सकेंगे।
कतिपय विकास खंडो में शिक्षकों के चयन वेतनमान स्वीकृत करने से पूर्व ऑफलाइन सेवा पुस्तिका सत्यापन को आधार माना जा रहा है जबकि तत्कालीन अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार द्वारा समस्त सेवा पुस्तिकाएं ऑनलाइन स्वरूप में स्वीकार करने संबंधी आदेश जारी किए गए थे तथा ऑफलाइन सेवा पुस्तिकाओं को निरस्त माना गया था। ऐसे में ऑफलाइन सेवा पुस्तिकाओं से जनपद में चयन वेतनमान स्वीकृत किया जा रहा है।
विकास खंड स्तरों पर करवाई जा रही खेलकूद प्रतियोगिताओं में पारदर्शिता एवं भ्रष्टाचार रोकने जैसे विषयों पर भी संगठन ने चर्चा की। सेवानिवृत शिक्षकों की बीमा पत्रावलियां लंबित होने के विषय पर भी संगठन ने यह विषय उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाने की बात कही। शिक्षकों के चयन वेतनमान लंबित हैं, इस प्रकरण में लापरवाही पर किसी का वेतन नहीं रोका गया। जबकि माननीय मुख्यमंत्री जी ने 3 दिन से ज्यादा पटल पर पत्रावली ना रुकने के लिए कहा है। विद्यालय में सफाई कर्मी प्रतिदिन नहीं पहुंचते हैं, उस दशा में भी किसी का वेतन नहीं रोका जाता सदैव शिक्षकों को ही दोषी मानकर कार्यवाही की जाती है। विद्यालय में छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए विद्यालय परिवार के साथ साथ विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य, ग्राम प्रधान, संकुल शिक्षक, ग्राम विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, एआरपी, एसआरजी, परियोजना अधिकारी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की भी जिम्मेदारी बनती है। शिक्षक विपरीत परिस्थितियों में जमीनी स्तर पर कार्य कर शासन की मंशा के अनुसार समस्त कार्य लगातार पूर्ण कर रहा है ऐसी दशा में केवल उपस्थित कम होने के कारण उसका वेतन रोक देना और उसे अपने कार्यों के प्रति लापरवाह बताना बिल्कुल गलत है। वेतन रोकने से शिक्षक शिक्षामित्र अनुदेशक साथियों के परिवार पर आर्थिक संकट आएगा एवं भरण पोषण कर पाना मुश्किल होगा। वेतन रोकना किसी समस्या का समाधान नहीं है।
आज की बैठक में प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय कुमार कनौजिया, मंडल संयुक्त मंत्री इमरान अली खान, जिला अध्यक्ष कृष्ण शंकर मिश्र, जिला महामंत्री अवनीश पाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष वेद नारायण मिश्र, जिला कोषाध्यक्ष दीपक वर्मा पटेल, उपाध्यक्ष दिलीप अवस्थी, उपाध्यक्ष राकेश बघेल, जिला संयुक्त मंत्री अनिल कुमार वर्मा, जिला मीडिया प्रभारी एवं विकासखंड बिछिया अध्यक्ष विनीत कुमार बाजपेई, ब्लॉक महामंत्री नवाबगंज अमित शर्मा, मियागंज महामंत्री जितेंद्र शर्मा, सफीपुर महामंत्री जितेंद्र सोनकर, बीघापुर महामंत्री अजय कुमार त्रिपाठी, पुरवा अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार, पुरवा महामंत्री अविनाश पाल, पुरवा कोषाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह पटेल और कोषाध्यक्ष मुकेंद्र कुमार, सफीपुर अध्यक्ष शरद कुमार कुशवाहा, वैष्णव कनौजिया, देवेंद्र प्रताप, प्रभात पांडे समेत अन्य पदाधिकारी रहे

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