उत्तर प्रदेश में पहली बार आयोजित विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (Special TET) 2026 को लेकर अभ्यर्थियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है। मंगलवार को आयोजित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा में प्रश्नों का स्तर मध्यम से कठिन बताया गया। परीक्षा देकर बाहर निकले कई शिक्षकों ने गणित, अंग्रेजी, पर्यावरण अध्ययन (EVS) और बाल विकास एवं शिक्षण विधि के सवालों को चुनौतीपूर्ण बताया। वहीं कुछ अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को अच्छा बताया।
गणित, अंग्रेजी और EVS के सवालों ने किया परेशान
परीक्षा में शामिल शिक्षकों के अनुसार, बाल विकास एवं शिक्षण विधि के वैचारिक प्रश्नों के साथ गणित, अंग्रेजी, हिंदी और संस्कृत के सवालों ने भी अभ्यर्थियों को काफी उलझाया। लंबे अनुच्छेदों पर आधारित प्रश्नों और सामान्य ज्ञान के सवालों को हल करने में अधिक समय लगा।
पर्यावरण अध्ययन (EVS) में उत्तर प्रदेश के भूगोल और पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े कई गहन प्रश्न पूछे गए। इसके अलावा इतिहास, भूगोल और विज्ञान के कुछ प्रश्नों को समझने में भी अभ्यर्थियों को काफी समय लगा।
कुछ शिक्षकों का कहना था कि उन्हें उम्मीद थी कि विशेष टीईटी होने के कारण प्रश्नपत्र का स्तर अपेक्षाकृत आसान रहेगा, लेकिन प्रश्नपत्र मिलने के बाद कई सवाल उनकी अपेक्षा से कठिन निकले। कुछ अभ्यर्थियों ने प्रश्नों के स्तर की तुलना पीसीएस और समीक्षा अधिकारी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं से भी की।
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परीक्षा में 88.17 प्रतिशत अभ्यर्थियों की उपस्थिति
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, परीक्षा की दोनों पालियों में कुल 22,125 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 19,509 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 2,616 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इस प्रकार कुल उपस्थिति 88.17 प्रतिशत रही।
परीक्षा का पालीवार विवरण इस प्रकार है:
| विवरण | प्रथम पाली | द्वितीय पाली |
|---|---|---|
| पंजीकृत अभ्यर्थी | 12,472 | 9,653 |
| उपस्थित अभ्यर्थी | 10,871 | 8,638 |
| अनुपस्थित अभ्यर्थी | 1,601 | 1,015 |
| उपस्थिति प्रतिशत | 87.16% | 89.49% |
परीक्षा शहर के 22 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की गई। अभ्यर्थियों को सघन तलाशी के बाद परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया। परीक्षा में महिला अभ्यर्थियों की संख्या भी उल्लेखनीय रही।
कठिन प्रश्नपत्र को लेकर शिक्षक संगठनों ने जताई आपत्ति
विशेष टीईटी के प्रश्नपत्र को कठिन बताए जाने के बाद शिक्षक संगठनों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन और उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ ने प्रश्नपत्र के स्तर पर आपत्ति जताई है।
विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष तिवारी ने विशेष टीईटी की समीक्षा शासन स्तर से कराए जाने की मांग की है। संगठन के महासचिव दिलीप चौहान ने कहा कि शिक्षकों के लिए प्रश्नपत्र तैयार करते समय उनकी परिस्थितियों और सम्मान का ध्यान रखा जाना चाहिए।
वहीं उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि परीक्षा में 50 से 55 वर्ष तक की आयु के शिक्षक भी शामिल हुए हैं। ऐसे में परीक्षा के प्रश्नपत्र का स्वरूप तय करते समय शिक्षकों की स्थिति का ध्यान रखा जाना चाहिए।
दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचा शिक्षक गिरफ्तार
विशेष टीईटी परीक्षा के दौरान लखनऊ में दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचे एक कथित साल्वर को गिरफ्तार किया गया। घटना चारबाग स्थित बप्पा श्रीनारायण वोकेशन गर्ल्स कॉलेज परीक्षा केंद्र की बताई गई है।
पुलिस के अनुसार, बायोमेट्रिक मिलान के दौरान आधार कार्ड से संबंधित गड़बड़ी सामने आने पर केंद्र व्यवस्थापक को संदेह हुआ। जांच और पूछताछ में आरोपी की पहचान फतेहपुर जनपद के शांतिनगर निवासी नेहाल अहमद के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी एक निजी विद्यालय में शिक्षक है और वह हथगाम क्षेत्र के निवासी विश्वनाथ कुमार वर्मा के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचा था।
एसीपी हजरतगंज अभिषेक कुमार पांडेय के अनुसार, आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की गई।
विशेष टीईटी के प्रश्नपत्र पर उठे सवाल
विशेष टीईटी 2026 के आयोजन के बाद प्रश्नपत्र के कठिन स्तर को लेकर शिक्षकों और शिक्षक संगठनों की प्रतिक्रिया सामने आई है। अब परीक्षा के प्रश्नपत्र की समीक्षा और आगे की प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों की नजर संबंधित विभाग एवं आयोग के निर्णय पर रहेगी।


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