Type Here to Get Search Results !

यूपी में घटे 3,786 मतदान स्थल, अब 1,200 मतदाताओं पर बनेगा एक बूथ

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के तहत निर्वाचन आयोग ने मतदान स्थलों के पुनर्गठन की प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है। प्रदेश के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान स्थलों के विभाजन और पुनर्निर्धारण को स्वीकृति प्रदान की गई है। अब एक मतदान स्थल पर अधिकतम 1,200 मतदाताओं के मानक के आधार पर बूथों का निर्धारण किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश में 1200 मतदाताओं पर एक मतदान बूथ बनाने और 3786 बूथ घटने की खबर

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद प्रदेश में मतदाताओं की संख्या में लगभग 2.04 करोड़ की कमी दर्ज की गई है। मतदाताओं की संख्या घटने के बाद मतदान स्थलों की संख्या में भी कमी आई है। पहले प्रदेश में 1,77,516 मतदान स्थल थे, जो अब घटकर 1,73,730 रह गए हैं। इस प्रकार प्रदेश में कुल 3,786 मतदान स्थल कम हुए हैं।

403 विधानसभा क्षेत्रों में बूथ पुनर्गठन को मंजूरी

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. नवदीप रिणवा के अनुसार प्रदेश के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान स्थलों के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई है। नए बूथों का निर्धारण 1,200 मतदाताओं के मानक के आधार पर किया जाएगा।

इस बदलाव का उद्देश्य मतदान स्थलों पर मतदाताओं की संख्या को निर्धारित सीमा में रखना और चुनाव के दौरान मतदान प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना है।

इसे भी देखें: SMC पुनर्गठन 2026: 15 सदस्यीय विद्यालय प्रबंध समिति का गठन, नियम और समस्त प्रारूप की PDF देखें

इसे भी देखें: SMC Meeting नवंबर 2026: विद्यालय प्रबंध समिति मासिक बैठक एजेंडा और कार्यवृत्त देखें

1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि पर प्रकाशित होगी मतदाता सूची

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एक जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) के तहत मतदाता सूची का मसौदा अनुमोदित मतदान स्थलों के अनुसार प्रकाशित किया जाएगा।

इसके लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों को नए मतदान स्थलों पर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की तैनाती करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन मतदाताओं के मतदान स्थल में बदलाव होगा, उन्हें बीएलओ के माध्यम से इसकी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।


एक परिवार के सभी सदस्यों का वोट एक ही बूथ पर रखने के निर्देश

निर्वाचन आयोग ने बूथ निर्धारण के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखने को कहा है कि एक परिवार के सभी सदस्यों के नाम एक ही मतदान स्थल पर दर्ज हों।

यदि ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद किसी परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग मतदान स्थलों पर दर्ज पाए जाते हैं, तो फॉर्म-8 के माध्यम से आवश्यक संशोधन कराया जा सकेगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य परिवार के सदस्यों को अलग-अलग बूथों पर मतदान करने की परेशानी से बचाना है।

नए मतदान स्थलों की सूची राजनीतिक दलों को भी मिलेगी

निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार अनुमोदित सभी मतदान स्थलों की सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी उपलब्ध कराई जाएगी।

इससे राजनीतिक दल नए बूथों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और मतदाता सूची एवं मतदान स्थल से संबंधित विवरण का अवलोकन कर सकेंगे।

छूटे हुए मतदाताओं के नाम जोड़ने पर विशेष जोर

मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान निर्वाचन आयोग का लक्ष्य सभी पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल करना है। इसमें विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं के पंजीकरण पर जोर दिया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एक जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएं।

जो युवा निर्धारित पात्रता पूरी करते हैं, वे भी मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

ERO और AERO करेंगे बूथों के पुनर्गठन की जांच

मतदान स्थलों के पुनर्गठन की प्रक्रिया की जांच के लिए निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) को जिम्मेदारी दी गई है।

इसके साथ ही बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को मतदाताओं के नए मतदान स्थल की जानकारी समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारियों को बूथों के पुनर्गठन और बीएलओ की तैनाती से संबंधित आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।

मतदाताओं को अब क्या करना चाहिए?

आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए प्रदेश के मतदाताओं को अपनी मतदाता सूची में दर्ज जानकारी की जांच कर लेनी चाहिए।

विशेष रूप से इन बातों पर ध्यान दें:

  1. परिवार के सभी सदस्यों के नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं या नहीं।
  2. सभी सदस्यों का मतदान स्थल एक ही है या नहीं।
  3. नए बूथ निर्धारण के बाद मतदान केंद्र में कोई बदलाव तो नहीं हुआ है।
  4. नाम, पता या अन्य विवरण में त्रुटि होने पर निर्धारित प्रक्रिया से संशोधन कराएं।
  5. पात्र युवा मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करें।

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश में SIR के बाद मतदाताओं की संख्या में कमी के चलते मतदान स्थलों की संख्या भी घटाई गई है। अब प्रदेश में 1,73,730 मतदान स्थल होंगे और 1,200 मतदाताओं के मानक के आधार पर बूथों का निर्धारण किया जाएगा। विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मतदाता सूची के पुनरीक्षण और बूथों के पुनर्गठन की यह प्रक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसलिए सभी मतदाताओं को अपनी और अपने परिवार के सदस्यों की मतदाता सूची संबंधी जानकारी अवश्य जांचनी चाहिए।

Top Post Ad

Bottom Post Ad