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TGT भर्ती में TET अनिवार्य, 17,740 पदों पर भर्ती का रास्ता साफ; योग्यता नियमों में संशोधन का आदेश

Sir Ji Ki Pathshala

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) भर्ती को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। प्रदेश के 4,512 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में TGT के 17,740 पदों पर भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी अर्हता में संशोधन का आदेश जारी होने की खबर है। नए नियमों के तहत भर्ती के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को अनिवार्य किए जाने का उल्लेख किया गया है। इससे भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के बीच पात्रता और परीक्षा के प्रारूप को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

TGT भर्ती के लिए TET अनिवार्य

खबर के मुताबिक, शासन की ओर से जारी आदेश में TGT पदों की पात्रता संबंधी नियमों में बदलाव किया गया है। इसके तहत संबंधित विषय में स्नातक के साथ निर्धारित अंकों की योग्यता और बीएड या बीपीएड जैसी मान्य उपाधियों के साथ TET उत्तीर्ण होना आवश्यक बताया गया है।

आदेश में स्नातक स्तर पर 50 प्रतिशत या परास्नातक स्तर पर 45 प्रतिशत अंकों के साथ निर्धारित प्रशिक्षण योग्यता का उल्लेख भी किया गया है। हालांकि, वास्तविक पात्रता संबंधित पद, विषय और लागू नियमावली के अनुसार निर्धारित होगी।

17,740 पदों पर भर्ती को लेकर अपडेट

प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में TGT के 17,740 पदों पर भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों की निगाहें चयन प्रक्रिया पर टिकी हैं। पात्रता नियमों में संशोधन से भर्ती प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। ऐसे में अभ्यर्थियों को भर्ती विज्ञापन और आधिकारिक संशोधित नियमावली का अध्ययन करना चाहिए, ताकि वे अपनी योग्यता के अनुसार तैयारी कर सकें।

कंप्यूटर विषय भी नियमावली में शामिल

खबर में कंप्यूटर विषय को भी संशोधित नियमावली में शामिल किए जाने का उल्लेख है। इससे संबंधित विषयों के अभ्यर्थियों के लिए योग्यता संबंधी शर्तों को समझना महत्वपूर्ण हो गया है। भर्ती में किस विषय के लिए कौन-सी डिग्री और पात्रता मान्य होगी, यह आधिकारिक नियमावली तथा विज्ञापन से स्पष्ट होगा।

पुराने नियमों से भर्ती कराने की मांग

TGT भर्ती के अभ्यर्थी पुरानी नियमावली बहाल करने और पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर भर्ती कराने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। खबर के अनुसार, अभ्यर्थियों ने पांच सितंबर से प्रयागराज में धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन शुरू किया था। इसके बाद 22 सितंबर को मुख्यमंत्री की ओर से पुरानी नियमावली के संबंध में एनसीटीई को पत्र लिखे जाने की घोषणा का भी उल्लेख किया गया है।


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