लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) की पहचान और स्क्रीनिंग की गति बेहद धीमी बनी हुई है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा तैयार किए गए 'PRASHAST 2.0' मोबाइल ऐप पर प्रदेश के 68 प्रतिशत से अधिक शिक्षक अब तक ऑनबोर्ड नहीं हो सके हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग एवं समग्र शिक्षा कार्यालय ने सभी संबंधित स्कूलों के शिक्षकों को प्राथमिकता के आधार पर ऑनबोर्डिंग और ऑनलाइन संवेदीकरण वीडियो (Sensitization Videos) पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
राज्य स्तरीय समीक्षा 22 अक्टूबर को, विभाग ने कसी कमर
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय द्वारा जारी हालिया रिपोर्ट (01 अक्टूबर 2026, सुबह 6:00 बजे तक) के अनुसार:
- प्रदेश के कुल 16,26,096 पंजीकृत शिक्षकों में से मात्र 5,10,386 (31.4%) शिक्षक ही PRASHAST 2.0 ऐप पर जुड़ पाए हैं।
- अनिवार्य प्रशिक्षण वीडियो देखने वाले शिक्षकों की संख्या और भी कम है; अब तक केवल 4,28,701 (26.4%) शिक्षकों ने ही सभी वीडियो पूरे किए हैं।
आगामी 22 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में एक राज्य स्तरीय अभिमुखीकरण एवं आउटरीच कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस बैठक में सभी जिलों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इससे पूर्व सभी जिलों में शिक्षकों की ऑनबोर्डिंग और प्रशिक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।





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