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UPTET व D.El.Ed मार्कशीट अब DigiLocker पर: 30 लाख अभ्यर्थियों को मिलेगी एक क्लिक में सुविधा

Sir Ji Ki Pathshala

उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा नियामक प्राधिकारी (PNP), प्रयागराज ने शैक्षिक अभिलेखों को पूरी तरह डिजिटल करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। वर्ष 2013 से 2021 तक के D.El.Ed और UPTET के सभी अंकपत्र और प्रमाण पत्र अब एक विशेष ऑनलाइन सॉफ्टवेयर और DigiLocker पर अपलोड किए जा रहे हैं। इस कदम से लगभग 30 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को भौतिक सत्यापन और दस्तावेज प्राप्त करने के लिए प्रयागराज कार्यालय के चक्कर लगाने से स्थायी राहत मिलेगी।

UPTET व D.El.Ed मार्कशीट अब DigiLocker पर

योजना की प्रमुख रूपरेखा

विवरणतथ्य
संबंधित परीक्षाएंUPTET एवं D.El.Ed
कवर किए गए सत्र2013 से 2021 तक के सभी बैच
डिजिटल प्लेटफॉर्मDigiLocker एवं पीएनपी का विशेष पोर्टल
लाभार्थी संख्या30 लाख से अधिक पूर्व व वर्तमान छात्र
लक्ष्य तिथिनवंबर 2026 तक पूरा करने की समय-सीमा
सुरक्षा तंत्रOTP आधारित संस्थागत सत्यापन

OTP ट्रैकिंग से रुकेगा फर्जीवाड़ा

अब तक किसी भर्ती या संस्थान द्वारा अभ्यर्थी की मार्कशीट सत्यापन के लिए पीएनपी से महीनों लंबा पत्राचार करना पड़ता था। नए सॉफ्टवेयर के जरिए सत्यापन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल होगी:

  • सत्यापन की रियल-टाइम निगरानी: जब भी कोई नियोक्ता या संस्थान किसी मार्कशीट की जांच करेगा, तो उसका प्रमाणीकरण OTP सीधे पीएनपी मुख्यालय से समन्वित रहेगा।
  • दुरुपयोग पर नियंत्रण: मुख्यालय के पास इसका पूरा डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा कि किस संस्था ने कब और किस अभ्यर्थी के शैक्षिक दस्तावेज जांचे हैं।
  • फर्जी प्रमाणपत्रों का खात्मा: हाल के वर्षों में सामने आए जाली टीईटी प्रमाणपत्रों के मामलों को देखते हुए यह सिस्टम फर्जी मार्कशीट के उपयोग की संभावना को शून्य कर देगा।

अभ्यर्थियों के लिए क्या बदलेगा?

  • त्वरित पहुंच: किसी भी भर्ती परीक्षा, काउंसलिंग या साक्षात्कार के दौरान अभ्यर्थी अपने स्मार्टफोन से वैध डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड कर सकेंगे।
  • कागजी झंझट से मुक्ति: मूल दस्तावेज के फटने, खोने या खराब होने की स्थिति में दोबारा डुप्लीकेट मार्कशीट बनवाने की जटिल प्रक्रिया समाप्त होगी।
  • भर्तियों में तेजी: चयन बोर्ड और आयोग बिना किसी कागजी देरी के कुछ ही मिनटों में दस्तावेजों का बैकग्राउंड वेरिफिकेशन पूरा कर सकेंगे।

यूपी बोर्ड की तर्ज पर तैयार किया जा रहा यह डिजिटल डेटाबेस शिक्षक पात्रता परीक्षा और शिक्षक प्रशिक्षण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाएगा। नवंबर 2026 तक यह डेटाबेस लाइव होते ही सभी अभ्यर्थी अपने मोबाइल से ही प्रमाणित अंकपत्र प्राप्त कर सकेंगे।

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