प्रयागराज। यूपीटीईटी 2026 के परिणाम को लेकर अभ्यर्थियों की नाराजगी सामने आने लगी है। एक ओर दशमलव अंकों के अंतर से अनुत्तीर्ण घोषित किए गए अभ्यर्थियों ने उन्हें उत्तीर्ण करने की मांग उठाई है, वहीं दूसरी ओर रिजेक्ट लिस्ट में शामिल बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपने परिणाम के निस्तारण की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग पहुंच रहे हैं।
अभ्यर्थियों और शिक्षक संगठनों का कहना है कि मामूली त्रुटियों और दशमलव अंकों के कारण बड़ी संख्या में उम्मीदवारों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
89.50 से 89.99 अंक पाने वालों ने रखी मांग
प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार को ज्ञापन भेजकर दशमलव अंकों से अनुत्तीर्ण अभ्यर्थियों के मामले में निर्णय लेने की मांग की है।
संगठन के अनुसार, टीईटी परिणाम में कई ऐसे अभ्यर्थी हैं जिन्हें 89.50 से 89.99 तक अंक मिले हैं। इसी तरह आरक्षित वर्ग के कुछ अभ्यर्थियों को 81.50 से 81.99 तक अंक प्राप्त हुए हैं।
वर्तमान निर्धारित अर्हता अंक के अनुसार अनारक्षित वर्ग के लिए 90 अंक और आरक्षित वर्ग के लिए 82 अंक आवश्यक हैं। ऐसे में दशमलव अंकों के कारण इन अभ्यर्थियों को नॉट क्वालीफाइड घोषित कर दिया गया।
शिक्षक संघ ने आयोग से की मुलाकात
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ला ने भी टीईटी परिणाम से जुड़ी समस्याओं को लेकर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग पहुंचकर सचिव मनोज कुमार से मुलाकात की।
इस दौरान टीईटी परिणाम में सामने आई त्रुटियों और अभ्यर्थियों की शिकायतों के शीघ्र निस्तारण की मांग की गई। बताया गया कि आयोग की बैठक में इन मांगों को अध्यक्ष के समक्ष रखकर निर्णय लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।
रिजेक्ट लिस्ट में करीब 60 हजार अभ्यर्थी
यूपीटीईटी 2026 का परिणाम जारी होने के बाद रिजेक्ट लिस्ट में शामिल करीब 60 हजार अभ्यर्थियों की चिंता भी बढ़ गई है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से सैकड़ों अभ्यर्थी अपनी समस्याओं को लेकर चयन आयोग पहुंचे।
इनमें कुछ ऐसे अभ्यर्थी भी शामिल बताए जा रहे हैं जो पहले से शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं, जबकि बड़ी संख्या में नए अभ्यर्थी आगामी शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे हैं।
OMR में मामूली गलती से रिजेक्ट हुआ परिणाम
अभ्यर्थियों का कहना है कि रोल नंबर, बुकलेट संख्या अथवा अन्य आवश्यक विवरणों से संबंधित गोले OMR शीट पर सही तरीके से न भर पाने के कारण उनके परिणाम रिजेक्ट कर दिए गए।
उम्मीदवारों की मांग है कि मामूली त्रुटियों को देखते हुए उनकी OMR शीट का मैन्युअल मूल्यांकन कराया जाए, ताकि सही उत्तर देने वाले अभ्यर्थियों का परिणाम घोषित किया जा सके।
क्या दशमलव से फेल अभ्यर्थियों को मिलेगी राहत?
फिलहाल दशमलव अंकों से फेल घोषित अभ्यर्थियों को पास करने अथवा रिजेक्ट परिणामों के संबंध में कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है। हालांकि शिक्षक संगठनों और अभ्यर्थियों की ओर से लगातार मांग उठाए जाने के बाद अब सबकी नजर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की आगामी बैठक और संभावित निर्णय पर टिकी है।
एक नजर में मुख्य बातें
- यूपीटीईटी 2026 परिणाम को लेकर अभ्यर्थियों की शिकायतें बढ़ीं।
- 89.50 से 89.99 अंक पाने वाले अभ्यर्थियों ने पास करने की मांग की।
- आरक्षित वर्ग में 81.50 से 81.99 अंक वाले अभ्यर्थियों ने भी राहत की मांग उठाई।
- अनारक्षित वर्ग के लिए 90 और आरक्षित वर्ग के लिए 82 अंक निर्धारित हैं।
- रिजेक्ट लिस्ट में करीब 60 हजार अभ्यर्थी शामिल बताए जा रहे हैं।
- OMR शीट में मामूली त्रुटियों के कारण परिणाम रिजेक्ट होने का आरोप।
- अभ्यर्थियों ने मैन्युअल मूल्यांकन कराने की मांग की।
- अंतिम फैसला उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।
नोट: दशमलव अंकों से फेल अभ्यर्थियों को पास करने या रिजेक्ट परिणामों में सुधार से संबंधित कोई भी अंतिम फैसला आयोग के आधिकारिक आदेश के बाद ही माना जाएगा।


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