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TSCT ने उप मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन, शिक्षकों और कर्मचारियों की इन प्रमुख मांगों को लेकर हुई चर्चा

Sir Ji Ki Pathshala

उत्तर प्रदेश के शिक्षकों एवं शिक्षा विभाग के कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर टीचर्स सेल्फ केयर टीम (TSCT) के संस्थापक मंडल ने उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शिक्षकों और कर्मचारियों की कई महत्वपूर्ण समस्याओं को उठाते हुए उनके समाधान की मांग की गई।

TSCT ने उप मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन,

TSCT की ओर से बताया गया कि उप मुख्यमंत्री के समक्ष शिक्षकों, सेवानिवृत्त कर्मियों तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से संबंधित कई प्रमुख मुद्दों को रखा गया। इनमें कैशलेस चिकित्सा सुविधा, विशेष अवकाश, अंतरजनपदीय स्थानांतरण और लंबित TET परिणाम जैसे विषय शामिल रहे।

रिटायरमेंट के बाद भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग

ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई कि शिक्षकों और कर्मचारियों को मिलने वाली कैशलेस चिकित्सा सुविधा को सेवानिवृत्ति के बाद भी जारी रखा जाए। संगठन का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद चिकित्सा जरूरतें बढ़ जाती हैं, ऐसे में इस सुविधा का लाभ जारी रहना शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण होगा।

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को भी मिले कैशलेस चिकित्सा का लाभ

TSCT ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों तथा उनके परिवारों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा के दायरे में शामिल करने की मांग रखी। ज्ञापन में कहा गया कि अन्य शिक्षकों एवं कर्मचारियों की तरह इन कर्मियों को भी चिकित्सा सुरक्षा का लाभ मिलना चाहिए।

शादी और प्रियजन के निधन पर 15 दिन के विशेष अवकाश की मांग

संगठन ने शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए विशेष परिस्थितियों में 15 दिन के विशेष अवकाश की व्यवस्था किए जाने की भी मांग की।

ज्ञापन के अनुसार, शिक्षक या कर्मचारी की स्वयं की शादी अथवा किसी निकट प्रियजन के निधन जैसी परिस्थितियों में पर्याप्त अवकाश मिलना चाहिए, ताकि संबंधित व्यक्ति पारिवारिक जिम्मेदारियों और मानसिक परिस्थितियों का सामना कर सके।

10 वर्ष से दूसरे जिले में कार्यरत शिक्षकों के स्थानांतरण का मुद्दा

TSCT ने लंबे समय से दूसरे जनपदों में कार्यरत शिक्षकों की समस्या भी उप मुख्यमंत्री के सामने रखी। संगठन ने मांग की कि 10 वर्ष से अधिक समय से दूसरे जनपद में कार्यरत शिक्षकों का वरिष्ठता के आधार पर जल्द से जल्द अंतरजनपदीय स्थानांतरण किया जाए।

इसके साथ ही जिन शिक्षकों से स्थानांतरण के लिए आवेदन लिए जा चुके हैं, उनकी सूची जल्द जारी करने की मांग भी की गई।

TET के रोके गए परिणाम जारी करने की मांग

ज्ञापन में TET से संबंधित एक महत्वपूर्ण मुद्दा भी उठाया गया। TSCT ने मांग की कि छोटे-छोटे कारणों या संभावित मानवीय त्रुटियों के चलते रोके गए परिणामों पर पुनर्विचार किया जाए और उचित मामलों में परिणाम जारी किए जाएं।

संगठन का कहना है कि ऐसे अभ्यर्थियों के मामलों की गंभीरता से जांच कर न्यायोचित निर्णय लिया जाना चाहिए।

उप मुख्यमंत्री ने मांगों को गंभीरता से सुना

TSCT के अनुसार, माननीय उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने शिक्षकों और कर्मचारियों की ओर से रखी गई मांगों को गंभीरतापूर्वक सुना। संगठन ने बताया कि उप मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों और अधिकारियों से बातचीत कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण पहल

TSCT द्वारा उठाए गए ये मुद्दे उत्तर प्रदेश के बड़ी संख्या में शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों से जुड़े हुए हैं। खासकर कैशलेस चिकित्सा सुविधा, रिटायरमेंट के बाद स्वास्थ्य सुरक्षा, अंतरजनपदीय स्थानांतरण और विशेष अवकाश की मांग लंबे समय से चर्चा में रही है।

अब इन मांगों पर सरकार और संबंधित विभागों की आगे की कार्रवाई पर शिक्षकों एवं कर्मचारियों की नजर रहेगी।

TSCT ने उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक को ज्ञापन सौंपकर शिक्षकों और कर्मचारियों की कई महत्वपूर्ण समस्याओं को एक साथ उठाया है। संगठन ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा के विस्तार से लेकर लंबे समय से लंबित स्थानांतरण और TET परिणामों तक के मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की है। आने वाले दिनों में इन मांगों पर सरकार की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, यह शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।





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