उन्नाव। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) से आच्छादित शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। वित्त एवं लेखाधिकारी, बेसिक शिक्षा, उन्नाव की ओर से जारी पत्र में संबंधित कर्मचारियों के कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से NPS अंशदान की कटौती किए जाने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
विकासखंड/विद्यालय में ऐसे शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी, जिनके वेतन से कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से NPS की कटौती किया जाना शेष है, उनसे नियमानुसार विकल्प पत्र (Option Form) प्राप्त किया जाना है।
25 अगस्त तक जमा करना होगा विकल्प पत्र
जारी आदेश में सभी संबंधित अधिकारियों और विद्यालयों को कहा गया है कि NPS से आच्छादित शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों से विकल्प पत्र प्राप्त करते हुए संबंधित सूची 25 अगस्त 2026 तक वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
सूची हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी, दोनों रूपों में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नियमानुसार आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
किन कर्मचारियों पर लागू होगा आदेश?
यह निर्देश उन शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों से संबंधित है जो NPS के अंतर्गत आते हैं और जिनके मामले में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से NPS अंशदान की कटौती किया जाना अभी शेष है।
संबंधित कर्मचारियों से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विकल्प पत्र प्राप्त किया जाएगा। इसके बाद उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर NPS अंशदान की कटौती से संबंधित आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाही पर संबंधित अधिकारी होंगे जिम्मेदार
वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय ने निर्देशों के पालन में किसी भी प्रकार की शिथिलता या देरी को गंभीरता से लिया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या विलंब की स्थिति में संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी तथा प्रबंधक/प्रधानाचार्य जिम्मेदार होंगे।
इसलिए संबंधित विद्यालयों और विकासखंड स्तर के अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
NPS को लेकर क्या है मुख्य निर्देश?
- NPS से आच्छादित कर्मचारियों की पहचान की जाएगी।
- जिनकी NPS कटौती कार्यभार ग्रहण तिथि से होना शेष है, उनसे विकल्प पत्र लिया जाएगा।
- संबंधित कर्मचारियों की सूची तैयार की जाएगी।
- सूची की हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी कार्यालय में उपलब्ध करानी होगी।
- निर्धारित समय सीमा 25 अगस्त 2026 रखी गई है।
- देरी या लापरवाही के लिए संबंधित BEO एवं प्रबंधक/प्रधानाचार्य जिम्मेदार होंगे।


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