Type Here to Get Search Results !

शिक्षकों को मोदी-मंत्र: बच्चों को स्क्रीन से निकालें, मैदान में लाएं, नशे से बचाएं

Sir Ji Ki Pathshala

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित शिक्षकों से प्रधानमंत्री मोदी ने किया संवाद, बच्चों के व्यवहार पर नजर रखने की भी अपील

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित शिक्षकों के साथ संवाद करते हुए बच्चों के भविष्य को लेकर बड़ी चिंता जताई। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों को मोबाइल और वीडियो गेम की स्क्रीन से बाहर निकालकर खेल के मैदान से जोड़ें। साथ ही बच्चों को नशे जैसी बुरी आदतों से बचाने और उनके व्यवहार में होने वाले अचानक बदलावों पर विशेष नजर रखने की जरूरत पर भी जोर दिया।

PM मोदी शिक्षक दिवस पर संबोधन

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के समय में बच्चों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक अत्यधिक स्क्रीन टाइम है। मोबाइल फोन और वीडियो गेम की बढ़ती आदत बच्चों को वास्तविक दुनिया से दूर कर सकती है। ऐसे में शिक्षकों की जिम्मेदारी केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के संपूर्ण विकास में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

स्क्रीन से बाहर निकालने का सबसे अच्छा तरीका खेल

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बच्चों को मोबाइल और वीडियो गेम की दुनिया से बाहर निकालने के लिए उन्हें मैदान के खेलों से जोड़ना जरूरी है। जब बच्चे खेलकूद और अन्य शारीरिक गतिविधियों में हिस्सा लेंगे तो उनका स्क्रीन टाइम स्वाभाविक रूप से कम होगा।

उन्होंने कहा कि वास्तविक खेल बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के साथ-साथ उनमें टीम भावना, अनुशासन और सामाजिक जुड़ाव भी बढ़ाते हैं। शिक्षकों को स्कूलों में खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास करने चाहिए।

पढ़ाई के साथ बचपन भी जरूरी

प्रधानमंत्री ने कहा कि पढ़ाई बच्चों के जीवन के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन केवल पढ़ाई के दबाव में उनका बचपन खत्म नहीं होना चाहिए। बच्चों को सीखने के साथ खेलने, अपनी रुचियों को पहचानने और खुलकर आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।

उन्होंने शिक्षकों से कहा कि बच्चों के जीवन में शिक्षक की भूमिका केवल एक अध्यापक की नहीं होती, बल्कि वे बच्चों के मार्गदर्शक भी होते हैं। इसलिए बच्चों के व्यक्तित्व और व्यवहार में हो रहे बदलावों को समझना भी जरूरी है।

व्यवहार में अचानक बदलाव को नजरअंदाज न करें

प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षकों को बच्चों के व्यवहार में आने वाले अचानक बदलावों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। यदि कोई बच्चा अचानक अलग-थलग रहने लगे, उसकी गतिविधियों में बड़ा बदलाव दिखाई दे या उसका व्यवहार असामान्य लगे तो उस पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने नशे की समस्या का भी जिक्र करते हुए कहा कि कई बार बच्चों और युवाओं के नशे की चपेट में आने की पहचान करना आसान नहीं होता। विशेष रूप से बड़े शहरों और विश्वविद्यालयों में यह चुनौती अधिक हो सकती है। ऐसे में शिक्षकों और शिक्षण संस्थानों को बच्चों के व्यवहार और गतिविधियों के प्रति संवेदनशील रहने की आवश्यकता है।

मेट्रो से श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स पहुंचे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दिल्ली मेट्रो से सफर करते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) पहुंचे। मेट्रो यात्रा के दौरान उन्होंने बच्चों से बातचीत भी की।

इसके बाद प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित शिक्षकों के साथ संवाद किया और शिक्षा, बच्चों के विकास, स्क्रीन टाइम तथा नशे जैसी सामाजिक चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए।

प्रधानमंत्री का संदेश साफ था कि बच्चों का विकास केवल किताबों और परीक्षा के अंकों तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्हें स्वस्थ बचपन, खेलकूद, सामाजिक जुड़ाव और सही मार्गदर्शन की भी जरूरत है। इसमें शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

Tags

Top Post Ad

Bottom Post Ad