केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े प्रमुख संगठनों ने पेंशन कम्यूटेशन (Pension Commutation) की बहाली अवधि को लेकर एक बड़ी मांग उठाई है। कर्मचारी संगठनों ने मांग की है कि कम्यूटेड पेंशन की बहाली की अवधि को 15 साल से घटाकर 11 साल किया जाए। हालांकि, स्पष्ट कर दें कि यह अभी केवल संगठनों की मांग और सिफारिश है, और वर्तमान में 15 साल की पुरानी व्यवस्था ही लागू है।
क्या है वर्तमान नियम और क्यों उठ रही है बदलाव की मांग?
वर्तमान नियमों के अनुसार, केंद्रीय कर्मचारी सेवानिवृत्ति के समय अपनी बेसिक पेंशन का अधिकतम 40% हिस्सा कम्यूट (दुकान या एकमुश्त रूप में बदलना) करवाकर नकद राशि प्राप्त कर सकते हैं। इसके एवज में उनकी मासिक पेंशन से एक निश्चित कटौती होती है, और यह कटौती पूरे 15 साल तक चलती है। 15 वर्ष पूरे होने के बाद ही कम्यूटेड पेंशन बहाल होती है और पूरी पेंशन मिलने लगती है।
कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि यह नियम दशकों पुराना है। वर्तमान आर्थिक परिदृश्य, ब्याज दरों, जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy) और मृत्यु दर में आए बदलावों को देखते हुए इस अवधि की समीक्षा बेहद जरूरी है।
प्रमुख संगठनों की क्या है मांग?
विभिन्न कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों ने बहाली की अवधि को लेकर अपनी अलग-अलग सिफारिशें दी हैं:
- NC-JCM: 11 साल
- AIDEF: 11 साल
- FNPO: 11 साल
- Bharat Pensioners Samaj (BPS): 11 साल
- All Pensioners Association: 11 साल
- AINPSEF: 10 साल
- IRTSA: 12 साल
अधिकांश संगठनों ने एक स्वर में 11 साल की अवधि को तार्किक और न्यायसंगत बताया है।
पेंशनर्स को कितना होगा वित्तीय फायदा? (एक उदाहरण)
भारत पेंशनर्स समाज के आंकड़ों के मुताबिक, यदि किसी पेंशनभोगी की बेसिक पेंशन ₹35,000 प्रति माह है और वह ₹14,000 मासिक पेंशन कम्यूट कराता है, तो हिसाब इस प्रकार होगा:
- 11 वर्ष (132 माह) की कुल कटौती: ₹18.48 लाख
- 15 वर्ष (180 माह) की कुल कटौती: ₹25.20 लाख
- संभावित बचत (अंतर): ₹6.72 लाख
यदि यह मांग मान ली जाती है, तो पेंशनर्स को 15 साल की तुलना में अगले चार वर्षों में ₹6.72 लाख की बड़ी बचत हो सकती है।
क्या नियम बदल गया है?
नहीं। अभी तक सरकार की ओर से नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। CCS (Commutation of Pension) Rules, 1981 के Rule 10A के तहत अभी भी 15 साल की मौजूदा व्यवस्था ही प्रभावी है। यह मांग संगठनों द्वारा आगामी 8वें वेतन आयोग या सरकार के समक्ष रखी गई है। इसलिए जब तक सरकार इस पर आधिकारिक आदेश जारी नहीं करती, तब तक 11 साल की बहाली को स्वीकृत नियम न समझें।


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