गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षा में राजनीति का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। राजनीति के चश्मे से देखने वालों को वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में आया आमूलचूल परिवर्तन दिखाई नहीं देगा। उन्होंने प्रदेशभर के शिक्षकों से शिक्षा व्यवस्था में उत्कृष्टता और नवाचार को लेकर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आगे बढ़ाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यही स्वस्थ प्रतिस्पर्धा प्रदेश और देश का भविष्य बनाएगी।
शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के राज्य अध्यापक पुरस्कार और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार वितरित किए। इस दौरान बेसिक शिक्षा विभाग के 61 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 20 शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेसिक और माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने का काम वर्ष 2017 से पहले भी किया जा सकता था, लेकिन तत्कालीन सरकारों ने इस दिशा में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यदि पहले शिक्षा के क्षेत्र में गंभीरता से काम किया गया होता तो प्रदेश के लाखों बच्चों का भविष्य और बेहतर हो सकता था।
योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों के लिए किए गए फैसलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाकर 17 हजार रुपये किया गया है और उन्हें 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा भी दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ‘ट्रिपल-टी’ यानी टीचर, टैलेंट और ट्रांसफॉर्मेशन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सम्मान, विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारना और आधुनिक संसाधनों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में बदलाव लाना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के 1.60 करोड़ बच्चों के खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि पहुंचाई गई है। साथ ही संस्कृत विद्यालयों में कक्षा छह से लेकर आचार्य स्तर तक के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति से जोड़ने का काम किया गया है।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को बदनाम करने के लिए दुष्प्रचार किए जाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्य के जर्जर विद्यालय भवन का वीडियो झांसी का बताकर प्रसारित किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसा करने वालों को स्मार्ट क्लास, ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार जैसे शिक्षा क्षेत्र में किए गए व्यापक बदलाव दिखाई नहीं देते।
प्रमुख बिंदु
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81 शिक्षकों को सम्मान: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 61 बेसिक और 20 माध्यमिक शिक्षकों को राज्य एवं मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किया।
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शिक्षामित्रों को बड़ी राहत: शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाकर 17 हजार रुपये किया गया है। साथ ही उन्हें 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
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ट्रिपल-टी पर जोर: मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए टीचर, टैलेंट और ट्रांसफॉर्मेशन के सिद्धांत पर जोर दिया। इसमें शिक्षकों का सम्मान, विद्यार्थियों की प्रतिभा और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है।
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डीबीटी और छात्रवृत्ति का लाभ: प्रदेश के 1.60 करोड़ बच्चों के खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि भेजी गई है। वहीं संस्कृत विद्यालयों में कक्षा 6 से आचार्य स्तर तक के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजना से जोड़ा गया है।
शिक्षक दिवस पर प्रदेश के सभी शिक्षकों और गुरुजनों को शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की प्राचीन ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा व्यवस्था के साथ आगे बढ़ाने में शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने शिक्षकों से नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों का बेहतर भविष्य तैयार करने का आह्वान किया।


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