भारत की जनगणना 2027 के द्वितीय चरण, अर्थात जनसंख्या गणना (Population Enumeration) की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस चरण के सफल संचालन के लिए जिला एवं तहसील स्तर पर जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसी क्रम में फील्ड ट्रेनर तथा प्रगणक एवं सुपरवाइजर के प्रशिक्षण के संबंध में कार्ययोजना और दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।
जारी पत्र के अनुसार, जनगणना कार्य से जुड़े जिला एवं तहसील स्तरीय अधिकारी, स्थानीय निकायों के अधिकारी, तकनीकी सहायक, जनगणना लिपिक सहित अन्य संबंधित कार्मिकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था जिला स्तर पर की जाएगी। इसके लिए जिलों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
भारत की जनगणना 2027 का द्वितीय चरण
जनगणना 2027 का द्वितीय चरण जनसंख्या गणना से संबंधित है। इस चरण में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जनसंख्या से संबंधित आवश्यक जानकारी का संग्रह किया जाएगा।
इतने बड़े स्तर पर होने वाले कार्य के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर फील्ड स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों तक सभी को निर्धारित प्रक्रिया की जानकारी होना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है।
प्रशिक्षण के माध्यम से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना कार्य की प्रक्रिया, जिम्मेदारियों तथा फील्ड स्तर पर अपनाई जाने वाली कार्यप्रणाली से अवगत कराया जाएगा।
जिला स्तर पर आयोजित होगा दो दिवसीय प्रशिक्षण
जारी निर्देशों के अनुसार, जनगणना कार्य से जुड़े जिला और तहसील स्तरीय अधिकारियों तथा संबंधित कार्मिकों के लिए जिला मुख्यालय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन प्रत्येक बैच में लगभग 30 से 35 प्रतिभागियों के अनुसार किया जाएगा। जिला प्रशासन को प्रतिभागियों की संख्या और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनगणना कार्य शुरू होने से पहले संबंधित अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों तथा कार्यप्रणाली को पूरी तरह समझ सकें।
30 सितंबर 2026 तक प्रशिक्षण संबंधी तैयारी पूरी करने के निर्देश
कार्ययोजना के अनुसार, जिला स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम से संबंधित आवश्यक तैयारियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी की जानी हैं।
संबंधित जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रशिक्षण की योजना, प्रतिभागियों की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए तैयारी 30 सितंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरी कर ली जाए।
इसके बाद आवंटित कार्यक्रम और स्लॉट के अनुसार आगे के प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे।
इन अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा
जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
प्रशिक्षण प्रक्रिया में जनगणना कार्य से जुड़े जिला एवं तहसील स्तरीय अधिकारी, स्थानीय निकायों के संबंधित अधिकारी, तकनीकी सहायक, जनगणना लिपिक और अन्य आवश्यक कार्मिक शामिल किए जाएंगे।
इसके अलावा, फील्ड स्तर पर जनसंख्या गणना से जुड़े कार्यों के लिए फील्ड ट्रेनर, प्रगणक और सुपरवाइजर को भी अलग-अलग चरणों में प्रशिक्षित किया जाएगा।
फील्ड ट्रेनर की भूमिका
फील्ड ट्रेनर जनगणना की प्रशिक्षण व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन्हें पहले आवश्यक प्रक्रिया और दिशानिर्देशों की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे आगे निर्धारित कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान कर सकें।
फील्ड ट्रेनर को जनगणना की कार्यप्रणाली, फील्ड स्तर पर आने वाली संभावित परिस्थितियों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्य करने संबंधी जानकारी दी जाएगी।
प्रगणक और सुपरवाइजर के लिए भी अलग प्रशिक्षण
जनसंख्या गणना के वास्तविक क्रियान्वयन में प्रगणक और सुपरवाइजर की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।
प्रगणक निर्धारित क्षेत्र में जनगणना संबंधी कार्य करेंगे, जबकि सुपरवाइजर संबंधित कार्यों की निगरानी और समन्वय की जिम्मेदारी निभाएंगे।
इसी कारण दोनों स्तरों के कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें कार्य करने की प्रक्रिया, जिम्मेदारियों और आवश्यक निर्देशों की जानकारी दी जाएगी।
अक्टूबर से नवंबर 2026 के बीच होंगे प्रशिक्षण कार्यक्रम
जारी कार्ययोजना में फील्ड ट्रेनर तथा प्रगणक एवं सुपरवाइजर के प्रशिक्षण के लिए अलग-अलग स्लॉट निर्धारित किए गए हैं।
जनगणना 2027 प्रशिक्षण कार्यक्रम
| स्लॉट | फील्ड ट्रेनर प्रशिक्षण | प्रगणक एवं सुपरवाइजर प्रशिक्षण |
|---|---|---|
| स्लॉट-1 | 7 से 9 अक्टूबर 2026 | 22 से 24 अक्टूबर 2026 |
| स्लॉट-2 | 14 से 16 अक्टूबर 2026 | 27 से 29 अक्टूबर 2026 |
| स्लॉट-3 | 22 से 24 अक्टूबर 2026 | 30 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 |
| स्लॉट-4 | बाद में निर्धारित | 3 से 5 नवंबर 2026 |
| स्लॉट-5 | बाद में निर्धारित | 12 से 14 नवंबर 2026 |
जिलों को आवंटित फील्ड ट्रेनर और संबंधित कर्मचारियों की संख्या के आधार पर प्रशिक्षण की विस्तृत योजना तैयार करनी होगी।
जिलों को तैयार करनी होगी विस्तृत कार्ययोजना
जारी निर्देशों के अनुसार, जिला स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के लिए स्थानीय स्तर पर आवश्यक कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रशिक्षण के लिए उपयुक्त स्थान, प्रतिभागियों की व्यवस्था और आवश्यक प्रशासनिक तैयारियां समय से पूरी हों। निर्धारित स्लॉट के अनुसार संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
जनगणना जैसे व्यापक राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रशिक्षण की यह प्रक्रिया इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि फील्ड स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारियों की तैयारी का सीधा प्रभाव पूरे कार्यक्रम के संचालन पर पड़ता है।
भारत की जनगणना देश के लिए एक महत्वपूर्ण सांख्यिकीय और प्रशासनिक प्रक्रिया है। इसके माध्यम से जनसंख्या से संबंधित विभिन्न प्रकार की जानकारी एकत्र की जाती है, जिसका उपयोग भविष्य की योजनाओं और नीतियों के लिए किया जाता है।
इसलिए जनगणना कार्य में शामिल प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को निर्धारित प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी होना आवश्यक है।
प्रशिक्षण के माध्यम से कार्यप्रणाली में एकरूपता लाने, जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने और फील्ड स्तर पर कार्य को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने में सहायता मिलेगी।
अब जिला स्तर पर जारी दिशानिर्देशों के अनुसार प्रशिक्षण की आवश्यक तैयारियां की जाएंगी। इसके बाद निर्धारित स्लॉट के आधार पर फील्ड ट्रेनर और प्रगणक एवं सुपरवाइजर के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
संबंधित जिलों और अधिकारियों को आवंटित कार्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षण प्रक्रिया में शामिल होना होगा। यह प्रशिक्षण भारत की जनगणना 2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
भारत की जनगणना 2027 के द्वितीय चरण यानी जनसंख्या गणना की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके तहत जिला और तहसील स्तर से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ-साथ फील्ड ट्रेनर, प्रगणक और सुपरवाइजर को चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जिला स्तर पर प्रशिक्षण की तैयारियां 30 सितंबर 2026 तक पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद अक्टूबर से नवंबर 2026 के बीच निर्धारित स्लॉट के अनुसार विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह पूरी प्रक्रिया जनगणना 2027 के जनसंख्या गणना चरण को व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।



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