उत्तर प्रदेश सरकार ने अनुपूरक बजट 2026 में बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों, कर्मचारियों और मिड-डे मील योजना से जुड़े रसोइयों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने एक लाख से अधिक शिक्षकों एवं कर्मचारियों के समूह बीमा प्रीमियम (GIS) की वापसी के लिए 134 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके साथ ही मिड-डे मील (पीएम पोषण) योजना के रसोइयों के मानदेय भुगतान के लिए 216 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि स्वीकृत की गई है।
मुख्य बातें (Highlights)
- एक लाख से अधिक बेसिक शिक्षकों और कर्मचारियों को बीमा प्रीमियम की राशि वापस मिलेगी।
- अनुपूरक बजट में 134 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।
- लाभ उन शिक्षकों और कर्मचारियों को मिलेगा, जिनकी नियुक्ति 31 मार्च 2014 के बाद हुई थी।
- लंबे समय से लंबित समूह बीमा प्रीमियम वापसी की मांग पूरी होने की उम्मीद।
- मिड-डे मील (पीएम पोषण) योजना के रसोइयों के मानदेय के लिए 216 करोड़ रुपये मंजूर।
- अतिरिक्त बजट से लंबित भुगतान जल्द होने की संभावना।
बीमा प्रीमियम वापसी से मिलेगी राहत
सरकार के अनुसार, 31 मार्च 2014 के बाद नियुक्त हुए बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन से समूह बीमा प्रीमियम की कटौती की गई थी। लंबे समय से इस राशि को वापस करने की मांग की जा रही थी। अब अनुपूरक बजट में 134 करोड़ रुपये का प्रावधान होने से संबंधित कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
रसोइयों के मानदेय का भुगतान होगा आसान
अनुपूरक बजट में पीएम पोषण (मिड-डे मील) योजना के अंतर्गत कार्यरत रसोइयों के मानदेय के राज्यांश के भुगतान के लिए 216 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इससे लंबे समय से लंबित मानदेय का भुगतान तेज होने की संभावना है।
शिक्षा विभाग को मिलेगा लाभ
सरकार का कहना है कि इन दोनों वित्तीय प्रावधानों से बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों, कर्मचारियों और रसोइयों को आर्थिक राहत मिलेगी। साथ ही लंबित भुगतान की प्रक्रिया में तेजी आएगी और विभागीय कार्यों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
निष्कर्ष
अनुपूरक बजट 2026 में किए गए ये प्रावधान बेसिक शिक्षा विभाग के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। बीमा प्रीमियम की वापसी और रसोइयों के मानदेय के लिए स्वीकृत धनराशि से लंबे समय से लंबित भुगतान का रास्ता साफ होने की उम्मीद है।


