उत्तर प्रदेश शासन के बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया है, जो काफी समय से हाईकोर्ट में चल रहा है। यह मामला प्राथमिक विद्यालयों में सफाईकर्मी और चौकीदार के पद बनाने और कर्मचारियों को नियमित करने से संबंधित है। यह केस Allahabad High Court में विचाराधीन है।
सरकार द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि यह मामला पहले की एक पुरानी याचिका (1993) से जुड़ा है, जिसमें कुछ कर्मचारियों ने मांग की थी कि उन्हें चतुर्थ श्रेणी (Class-IV) कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और उसी के अनुसार वेतन दिया जाए।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा था कि—
- कर्मचारियों को नियमित मानकर वेतन दिया जाए
- जो कम वेतन मिला है, उसका अंतर भी दिया जाए
- स्कूलों में सफाईकर्मी और चौकीदार के पद बनाए जाएं
- पूरी प्रक्रिया तय समय में पूरी की जाए
लेकिन लंबे समय तक इन आदेशों का पूरा पालन नहीं हुआ, जिसके कारण कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई।
अब सरकार ने कोर्ट को बताया है कि कुछ काम पूरे किए जा चुके हैं। जैसे कि एक कर्मचारी को लगभग ₹3,55,922 का भुगतान किया जा चुका है। साथ ही, नए पद बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, लेकिन यह प्रक्रिया थोड़ी लंबी होती है इसलिए इसमें समय लग रहा है।
इस पर कोर्ट ने सरकार को राहत देते हुए 3 सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया है, ताकि वह पूरी कार्यवाही कर सके और कोर्ट में अपनी रिपोर्ट (शपथ पत्र) दाखिल कर सके।
इस मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त 2026 को होगी।


