निजी विद्यालयों को समग्र शिक्षा से वित्तीय सहायता देने की तैयारी, शासन ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश सरकार ने निजी प्रबन्धतंत्र द्वारा संचालित मान्यता प्राप्त ऐसे विद्यालयों को वित्तीय सहायता देने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं, जिनमें अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और सामान्य गरीब वर्ग के छात्रों की संख्या अधिक है। यह सहायता Samagra Shiksha योजना के अंतर्गत प्रदान किए जाने का प्रस्ताव है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कक्षा 1 से 8 तक संचालित इन विद्यालयों में बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के छात्र अध्ययनरत हैं। ये विद्यालय पिछले कई वर्षों से सीमित संसाधनों में इन छात्रों को शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए शासन स्तर पर इन विद्यालयों को आर्थिक सहयोग देने की पहल की गई है।
इस संबंध में मुख्यमंत्री स्तर पर मामले को प्राथमिकता दी गई है और बेसिक शिक्षा विभाग से विस्तृत आख्या शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। शासन द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि संबंधित प्रस्तावों पर तेजी से कार्रवाई की जाए ताकि पात्र विद्यालयों को सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
दरअसल, निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (RTE Act) के तहत कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने वाले विद्यालयों को वित्तीय सहायता देने का प्रावधान है। इसी प्रावधान के तहत समग्र शिक्षा योजना में 100 प्रतिशत अनुदान दिए जाने की मांग भी उठाई गई है।




