लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों को एक बड़ी राहत दी है। अवकाश यात्रा सुविधा (Leave Travel Concession - LTC) के कड़े नियमों को आसान बनाते हुए सरकार ने कर्मचारियों की पुरानी मांग को पूरा कर दिया है। इसके साथ ही बच्चों की शिक्षा सहायता से जुड़े भत्तों में भी महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं।
वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार, ये सभी फैसले मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा वेतन समिति-2016 की सिफारिशों पर विचार करने के बाद लिए गए हैं।
सरकार द्वारा दी गई मुख्य राहतें इस प्रकार हैं:
1. LTC में 15 दिन के अवकाश की बाध्यता खत्म
अब तक कर्मचारियों को अवकाश यात्रा सुविधा (एलटीसी) का लाभ लेने के लिए न्यूनतम 15 दिनों का अर्जित अवकाश (Earned Leave) लेना अनिवार्य होता था। सरकार ने अब इस बाध्यता को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। इसका अर्थ है कि अब कर्मचारी बिना 15 दिन की छुट्टी लिए भी अपनी सुविधा के अनुसार एलटीसी का लाभ उठा सकेंगे।
2. छुट्टियों के नकदीकरण (Leave Encashment) की मंजूरी
एलटीसी के नियमों में एक और बड़ा बदलाव करते हुए सरकार ने नकदीकरण की सुविधा को भी मंजूरी दे दी है। अब कर्मचारी अपनी अवकाश यात्रा के दौरान अधिकतम 10 दिनों के अर्जित अवकाश को नकद (Encashment) में बदलवा सकेंगे, जिससे उन्हें यात्रा के दौरान अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
3. शिक्षा सहायता का दायरा बढ़ा
कर्मचारियों को उनके बच्चों की पढ़ाई के लिए मिलने वाली शिक्षा संबंधी सहायता के नियमों में भी ढील दी गई है। अब इस पात्रता का दायरा बढ़ाकर संशोधित वेतन मैट्रिक्स के 'लेवल-3' (Level-3) तक के कर्मचारियों के लिए कर दिया गया है।
4. दिव्यांग बच्चों के शिक्षण शुल्क में दोगुनी वृद्धि
सरकारी कर्मचारियों के दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने उनकी शिक्षण शुल्क प्रतिपूर्ति (Reimbursement) की सीमा को दोगुना कर दिया है। पहले यह राशि कम थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 600 रुपये प्रतिमाह प्रति बच्चा कर दिया गया है।
निष्कर्ष:
राज्य सरकार के वित्त विभाग द्वारा उठाए गए ये कदम कर्मचारियों के हित में एक बड़ा फैसला माने जा रहे हैं। एलटीसी नियमों में ढील और शिक्षा भत्ते में वृद्धि से प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को सीधा और व्यावहारिक लाभ मिलेगा।


