उत्तर प्रदेश के परिषदीय उच्च प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2026-27 के तहत “10 बैगलेस डे” गतिविधियों को लागू करने के लिए नई समय-सारिणी जारी कर दी गई है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक, रचनात्मक और कौशल आधारित शिक्षा प्रदान करना है।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत अगस्त 2026 से नवंबर 2026 तक प्रत्येक शनिवार को अलग-अलग गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी, जिससे बच्चों में सीखने की रुचि और कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा।
🗓️ कब-कब होंगी गतिविधियाँ?
जारी समय-सारिणी के अनुसार, हर शनिवार को विशेष गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। प्रमुख तिथियां इस प्रकार हैं:
- 22 अगस्त 2026: मिट्टी से खिलौने बनाना, कला-कृति निर्माण, विद्यालय प्रदर्शनी
- 29 अगस्त 2026: औषधीय पौधों का विकास, कम्पोस्ट निर्माण, किचन गार्डन
- 12 सितंबर 2026: जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, कृषि गतिविधियाँ
- 19 सितंबर 2026: स्वास्थ्य, स्वच्छता, सिलाई एवं डिजाइन, कहानी मंचन
- 26 सितंबर 2026: पतंग निर्माण, विज्ञान प्रयोग, STEM मॉडल प्रतियोगिता
- 03 अक्टूबर 2026: वित्तीय साक्षरता, उद्यमिता, बैंक/डाकघर भ्रमण
- 10 अक्टूबर 2026: ड्राइंग, म्यूरल आर्ट, संगीत-नृत्य-नाटक
- 17 अक्टूबर 2026: फोटोग्राफी, ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण
- 24 अक्टूबर 2026: निर्माण कार्य अध्ययन, स्थानीय उद्योग भ्रमण
- 31 अक्टूबर 2026: AI, कोडिंग (Scratch), ड्रोन एवं सेंसर तकनीक परिचय
🎯 “10 Bagless Day” का उद्देश्य
“Bagless Day” का मुख्य लक्ष्य परिषदीय विद्यालयों में अध्यनरत छात्रों को किताबी बोझ से मुक्त कर उन्हें वास्तविक जीवन से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर देना है। इसके जरिए बच्चों में रचनात्मकता के साथ व्यावहारिक ज्ञान, नई तकनीकों (AI, Coding) की समझ विकसित होगी तथा उनका सामाजिक और जीवन कौशल मजबूत होगा।
नवंबर में होगा “बाल मेला” आयोजन
इस कार्यक्रम के अंतर्गत 14 नवंबर 2026 (बाल दिवस) को “बाल मेला” आयोजित किया जाएगा, जिसमें छात्र-छात्राओं द्वारा की गई गतिविधियों और प्रोजेक्ट्स का प्रदर्शन किया जाएगा। इस मेले में अभिभावकों और एसएमसी सदस्यों को भी आमंत्रित किया जाएगा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।
गतिविधियों के लिए बजट
इन सभी गतिविधियों के सफल संचालन के लिए सरकार द्वारा ₹6500 प्रति विद्यालय की धनराशि निर्धारित की गई है, जिससे आवश्यक सामग्री और संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी।


