प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के परिषदीय (बेसिक शिक्षा परिषद) विद्यालयों में होने वाली आगामी सहायक अध्यापक भर्ती को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। अब शिक्षक भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों की तुक्केबाजी नहीं चलेगी, क्योंकि नई चयन प्रणाली के तहत गलत उत्तर देने पर निगेटिव मार्किंग लागू होगी। वहीं, एकेडमिक मेरिट (शैक्षणिक अंकों के वेटेज) को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। अंतिम निर्णय भर्ती विज्ञापन जारी होने के बाद सामने आएगा।
इस बार पहली बार परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक भर्ती उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) के माध्यम से कराई जाएगी। आयोग नई चयन व्यवस्था के अनुरूप परीक्षा का विस्तृत सिलेबस तैयार कर रहा है, जिसे जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जाएगा। इससे अभ्यर्थियों को नई परीक्षा प्रणाली के अनुसार तैयारी करने का पर्याप्त समय मिलेगा।
अब तक बेसिक शिक्षक भर्ती परीक्षा उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी (PNP) द्वारा आयोजित की जाती थी। उस व्यवस्था में 150 अंकों की लिखित परीक्षा होती थी और निगेटिव मार्किंग का प्रावधान नहीं था। अंतिम चयन लिखित परीक्षा के साथ-साथ अभ्यर्थियों की एकेडमिक मेरिट को जोड़कर किया जाता था।
हालांकि, शिक्षा सेवा चयन आयोग की नई नियमावली के अनुसार चयन केवल लिखित परीक्षा के प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने बताया कि चयन प्रक्रिया 120 वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की 360 अंकों की लिखित परीक्षा के आधार पर होगी। परीक्षा से संबंधित नियम सभी शिक्षक भर्तियों में समान रूप से लागू होंगे और किसी एक भर्ती के लिए अलग नियम नहीं बनाए जाएंगे।
वहीं, बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र तिवारी ने कहा कि एकेडमिक मेरिट का प्रावधान अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2018 की 68,500 और 69,000 शिक्षक भर्तियां भी लिखित परीक्षा (सुपर टीईटी) के आधार पर हुई थीं। ऐसे में एकेडमिक मेरिट को लेकर अंतिम स्थिति भर्ती विज्ञापन जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
फिलहाल आयोग को बेसिक शिक्षा परिषद से रिक्त पदों का औपचारिक ऑनलाइन अधियाचन प्राप्त नहीं हुआ है। इसलिए भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। जैसे ही रिक्तियों का विवरण आयोग को मिलेगा, भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, नगर क्षेत्र के विद्यालयों में 11,508 रिक्त पदों का अधियाचन अभी लंबित है।
नई परीक्षा प्रणाली लागू होने के बाद अभ्यर्थियों को केवल सही उत्तरों पर ही ध्यान देना होगा, क्योंकि गलत उत्तर देने पर अंक कटने की व्यवस्था चयन को पहले की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धी बना सकती है।
मुख्य बातें
- पहली बार UPESSC कराएगा बेसिक शिक्षक भर्ती परीक्षा।
- गलत उत्तर पर निगेटिव मार्किंग लागू होगी।
- परीक्षा 120 वस्तुनिष्ठ प्रश्नों और 360 अंकों की होगी।
- चयन लिखित परीक्षा के प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।
- एकेडमिक मेरिट को लेकर अंतिम फैसला भर्ती विज्ञापन में स्पष्ट होगा।
- आयोग जल्द ही नया सिलेबस जारी करेगा।
- बेसिक शिक्षा विभाग से रिक्त पदों का अधियाचन मिलते ही भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी।
- नगर क्षेत्र के 11,508 पदों का अधियाचन अभी लंबित बताया जा रहा है।


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