नई दिल्ली। नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) को रिटायरमेंट के लिए निवेश का एक बहुत ही उपयोगी विकल्प माना जाता है। इसका एक प्रमुख आकर्षण इसमें मिलने वाले विभिन्न टैक्स लाभ हैं। इसी वजह से NPS को कई बार Triple Tax Advantage वाला निवेश विकल्प कहा जाता है।
#1. निवेश पर टैक्स लाभ
NPS में कर्मचारी के अपने योगदान पर आयकर नियमों के अनुसार निर्धारित सीमा तक टैक्स deduction का लाभ मिल सकता है। इसके अलावा, पात्र मामलों में नियोक्ता के योगदान पर भी टैक्स लाभ मिलता है। इससे व्यक्ति की taxable income कम हो सकती है।
#2. निवेश के दौरान टैक्स बचत
NPS की राशि अलग-अलग asset classes में निवेश की जाती है। फंड के भीतर निवेश बदलने या portfolio rebalancing के दौरान सामान्य निवेशों की तरह हर बदलाव पर तत्काल capital gains tax नहीं लगाया जाता। इससे लंबी अवधि में retirement corpus तैयार करने में मदद मिल सकती है।
#3. रिटायरमेंट के समय टैक्स लाभ
रिटायरमेंट के समय लागू नियमों के अनुसार NPS corpus का एक हिस्सा lump sum के रूप में निकाला जा सकता है और शेष राशि से annuity खरीदी जाती है। पात्र lump-sum withdrawal पर आयकर नियमों के अनुसार टैक्स छूट मिल सकती है। हालांकि, annuity से मिलने वाली pension income पर सामान्य आयकर नियम लागू होते हैं।
#NPS क्यों है महत्वपूर्ण?
NPS का उद्देश्य केवल टैक्स बचाना नहीं है। नियमित निवेश, लंबे समय की compounding और उपलब्ध टैक्स लाभों के माध्यम से यह रिटायरमेंट के लिए बड़ा corpus तैयार करने में मदद कर सकता है।
ध्यान दें: NPS में मिलने वाले टैक्स लाभ आपकी tax regime, योगदान के प्रकार और उस समय लागू आयकर नियमों पर निर्भर करते हैं। निवेश करने से पहले मौजूदा नियमों की जांच जरूर करें।


