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इस जिले में बदली मध्याह्न भोजन (MDM) योजना की व्यवस्था, अब SMC अध्यक्ष और प्रधानाध्यापक करेंगे खाते का संचालन

Sir Ji Ki Pathshala

सुल्तानपुर। ग्राम पंचायत का कार्यकाल समाप्त होने के बाद परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) योजना के संचालन में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए सुल्तानपुर के जिलाधिकारी ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अब नई ग्राम पंचायतों के गठन तक एमडीएम (MDM) खातों का संचालन ग्राम प्रधान के बजाय विद्यालय प्रबंध समिति (SMC) के अध्यक्ष और विद्यालय के प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जाएगा।

क्या थी समस्या?

जारी किए गए कार्यालय आदेश के अनुसार, ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो गया है। इसके परिणामस्वरूप, कतिपय बैंक शाखाओं ने तकनीकी कारणों से विद्यालयों के एमडीएम खातों के संचालन (लेन-देन) पर रोक लगा दी थी। इस रोक की वजह से विद्यालय स्तर पर बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन योजना सुचारू रूप से चलाने में भारी कठिनाई उत्पन्न हो रही थी।

नयी व्यवस्था और जिलाधिकारी के मुख्य निर्देश

इस समस्या का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी सुल्तानपुर ने एक नया कार्यालय आदेश जारी किया है। शासन के पूर्व शासनादेशों (अक्टूबर 2013 एवं जनवरी 2021) का हवाला देते हुए निम्नलिखित निर्देश दिए गए हैं:

  • खाते का नया स्वरूप: पंचायत निर्वाचन संपन्न होने तक विद्यालय स्तरीय एमडीएम खातों के संचालन को ग्राम प्रधान से अलग कर दिया गया है। अब यह संचालन अभिभावक संघ / विद्यालय प्रबंध समिति (SMC) के अध्यक्ष और प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से होगा।
  • संसाधनों का तत्काल हस्तांतरण: जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश दिए हैं कि संबंधित ग्राम प्रधानों के पास एमडीएम का जो भी खाद्यान्न (राशन) और परिवर्तन लागत (कन्वर्जन कॉस्ट) की धनराशि शेष है, उसे तत्काल संबंधित अभिभावक संघ या विद्यालय प्रबंध समिति को सौंप दिया जाए।
  • बैंकों को स्पष्ट निर्देश: सभी संबंधित बैंक शाखा प्रबंधकों को निर्देशित किया गया है कि वे एमडीएम खातों का संचालन अब ग्राम प्रधान के स्थान पर SMC अध्यक्ष के साथ सुनिश्चित करें ताकि योजना बाधित न हो।

कब तक प्रभावी रहेगा यह आदेश?

यह आदेश एक अंतरिम (अस्थायी) व्यवस्था है। आदेश पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यह व्यवस्था नई ग्राम पंचायतों के सामान्य निर्वाचन के पश्चात् गठित की जाने वाली नयी ग्राम पंचायतों की प्रथम बैठक के लिए नियत तिथि तक ही लागू रहेगी। नई पंचायतें अस्तित्व में आने के बाद यह आदेश स्वतः निरस्त माना जाएगा और शासन के आगामी निर्देशों के अधीन होगा।

​इस फैसले से जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों को बड़ी राहत मिली है, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि बच्चों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन की व्यवस्था चुनाव के दौरान भी निर्बाध रूप से चलती रहे। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारियों, बैंक प्रबंधकों और सभी संबंधित विभागों को अनुपालन हेतु सूचना एवं आवश्यक कार्यवाही के लिए प्रतिलिपि भेज दी गई है।

MDM खाता संचालन: अब SMC अध्यक्ष और प्रधानाध्यापक करेंगे हस्ताक्षर