Eco Clubs for Mission LiFE: विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सतत जीवनशैली (Mission LiFE) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अगस्त 2026 की मासिक कार्य-योजना जारी की गई है। इस माह विद्यालयों में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम, स्वच्छता अभियान, कचरा पृथक्करण, प्रकृति अवलोकन तथा जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
ईको क्लब कार्ययोजना: अगस्त 2026
सप्ताह 1 (1 अगस्त – 14 अगस्त): स्वच्छता, कचरा प्रबंधन एवं जनजागरूकता
अगस्त माह के प्रथम चरण में विद्यालयों में पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।
- अभिभावकों एवं विद्यार्थियों की संयुक्त संगोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें कृषि विभाग के विशेषज्ञों को आमंत्रित कर कचरे के पृथक्करण, कम्पोस्ट खाद के उपयोग तथा कचरा जलाने से होने वाले पर्यावरणीय दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी।
- विद्यालय में गीले कचरे के लिए हरे रंग तथा सूखे कचरे के लिए नीले रंग की बड़ी डस्टबिन रखवाई जाएंगी। प्रत्येक कक्षा में भी हरी एवं नीली रंग की छोटी डस्टबिन रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों में कचरा पृथक्करण की आदत विकसित हो सके।
सप्ताह 2 (15 अगस्त): स्वतंत्रता दिवस विशेष
15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विद्यालयों में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
- वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा।
- पर्यावरण संरक्षण विषय पर नुक्कड़ नाटक, जागरूकता रैली एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।
- स्थानीय समुदाय को स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।
सप्ताह 3 (16 अगस्त – 31 अगस्त): प्रकृति अवलोकन एवं पर्यावरण शिक्षा
माह के अंतिम चरण में विद्यार्थियों को प्रकृति से जोड़ने वाली गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- विद्यार्थी अपने आसपास के पेड़-पौधों, फूलों, पक्षियों, कीट-पतंगों, बादलों एवं बदलते मौसम का नियमित अवलोकन करेंगे।
- अपने अनुभवों को साप्ताहिक रूप से नोटबुक/फाइल में लिखकर नोडल शिक्षक को प्रस्तुत करेंगे।
- अगस्त माह के अंत में सर्वश्रेष्ठ प्रकृति अवलोकन नोटबुक तैयार करने वाले तीन विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी जिम्मेदारी
ईको क्लब की गतिविधियाँ विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। अगस्त 2026 की यह कार्ययोजना विद्यार्थियों को व्यवहारिक गतिविधियों के माध्यम से पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करती है। विद्यालय, शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी मिलकर इन गतिविधियों को सफल बनाकर स्वच्छ, हरित और सतत भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।


