उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का उद्देश्य बेसिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन, e-KYC, आवेदन में संशोधन तथा स्वीकृति (Approval) की प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
यदि आप उत्तर प्रदेश के बेसिक या माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षक हैं, तो आपके लिए योजना से जुड़े सभी महत्वपूर्ण लिंक नीचे दिए गए हैं।
1. परिषदीय शिक्षकों के लिए आवेदन
बेसिक शिक्षा परिषद में कार्यरत शिक्षक इस लिंक के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
🔗 आवेदन लिंक:
https://cmtcts.upsdc.gov.in/public/starttoapply.aspx
2. माध्यमिक शिक्षकों के लिए आवेदन
माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक इस पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
🔗 आवेदन लिंक:
https://mcmtcts.upsdc.gov.in
3. आवेदन में संशोधन (Add/Edit)
यदि आवेदन भरने के बाद किसी जानकारी में त्रुटि हो गई है या कोई नया विवरण जोड़ना है, तो नीचे दिए गए लिंक के माध्यम से आवेदन में संशोधन किया जा सकता है।
🔗 Add/Edit लिंक:
https://cmtcts.upsdc.gov.in/Account/emplogin.aspx?Action=SELF
4. e-KYC करने का लिंक
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए e-KYC करना आवश्यक है। इसके लिए नीचे दिए गए पोर्टल का उपयोग करें।
🔗 e-KYC लिंक:
https://beneficiary.nha.gov.in/
5. BEO एवं BSA Approval Status चेक करें
आवेदन जमा करने के बाद आप इसी लिंक के माध्यम से यह देख सकते हैं कि आपका आवेदन BEO एवं BSA द्वारा स्वीकृत हुआ है या नहीं।
🔗 Approval Status लिंक:
https://cmtcts.upsdc.gov.in/public/showAppStatus.aspx
महत्वपूर्ण बातें
- आवेदन करते समय सभी जानकारी सही भरें।
- आवेदन के बाद e-KYC अवश्य पूरा करें।
- यदि किसी जानकारी में त्रुटि हो तो Add/Edit विकल्प का उपयोग करें।
- समय-समय पर BEO एवं BSA Approval Status अवश्य जांचते रहें।
- केवल आधिकारिक पोर्टल का ही उपयोग करें।
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना उत्तर प्रदेश के शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा पहल है। यदि आपने अभी तक आवेदन नहीं किया है, तो जल्द आवेदन करें, e-KYC पूरा करें और अपने आवेदन की स्वीकृति स्थिति नियमित रूप से जांचते रहें। साथ ही इस उपयोगी जानकारी को अपने शिक्षक साथियों के साथ अवश्य साझा करें, ताकि कोई भी पात्र शिक्षक इस योजना के लाभ से वंचित न रहे।


