लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राजकीय और सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। शैक्षिक सत्र 2026-27 से प्रदेश के 1701 माध्यमिक विद्यालयों में 3402 वोकेशनल (व्यावसायिक) ट्रेनरों की नियुक्ति आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से की जाएगी। प्रत्येक विद्यालय में दो-दो प्रशिक्षक तैनात होंगे और उन्हें ₹15,000 प्रति माह मानदेय दिया जाएगा।
1701 स्कूलों में शुरू होगी व्यावसायिक शिक्षा
योजना के तहत 731 राजकीय और 970 एडेड माध्यमिक विद्यालयों में दो-दो ट्रेड में व्यावसायिक शिक्षा शुरू की जाएगी। कक्षा 9 में प्रत्येक ट्रेड में कम से कम 25 विद्यार्थियों का प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रतिदिन एक घंटे का प्रशिक्षण
प्रत्येक विद्यालय में नियुक्त दो प्रशिक्षक छात्रों को रोजाना एक घंटे का प्रशिक्षण देंगे। सप्ताह में छह घंटे व्यावसायिक शिक्षा का संचालन अनिवार्य होगा, जिससे छात्रों को रोजगारोन्मुखी कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा।
इन क्षेत्रों में मिलेगा प्रशिक्षण
छात्रों को विभिन्न रोजगारपरक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- रिटेल
- सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी)
- टूरिज्म एवं हॉस्पिटैलिटी
- एग्रीकल्चर
- मैनेजमेंट, एंटरप्रेन्योरशिप एवं प्रोफेशनल स्किल
इन कोर्सों के माध्यम से छात्र ऑफिस असिस्टेंट, डेटा एंट्री ऑपरेटर, माइक्रोफाइनेंस एग्जीक्यूटिव, रिटेल स्टोर ऑपरेशंस असिस्टेंट जैसे पदों के लिए आवश्यक कौशल प्राप्त कर सकेंगे।
विशेषज्ञों के व्याख्यान और उद्योग भ्रमण
व्यावसायिक शिक्षा को व्यवहारिक बनाने के लिए प्रत्येक शैक्षिक सत्र में तीन विशेष अतिथि व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे। साथ ही छात्रों को संबंधित उद्योगों का भ्रमण भी कराया जाएगा, ताकि उन्हें वास्तविक कार्यस्थल का अनुभव और व्यावहारिक ज्ञान मिल सके। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग विद्यालयों को अलग से बजट उपलब्ध कराएगा।
मुख्य बातें
- 1701 राजकीय एवं एडेड माध्यमिक विद्यालयों में योजना लागू।
- आउटसोर्सिंग के माध्यम से 3402 वोकेशनल ट्रेनरों की नियुक्ति।
- प्रत्येक प्रशिक्षक को ₹15,000 प्रतिमाह मानदेय।
- कक्षा 9 से दो ट्रेडों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू होगी।
- छात्रों के लिए विशेषज्ञ व्याख्यान और उद्योग भ्रमण की भी व्यवस्था।


