उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 के पहले दिन आयोजित उच्च प्राथमिक स्तर (पेपर-2) की परीक्षा में प्रश्नपत्र का स्तर मध्यम से कठिन रहा। परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि इस बार बाल विकास एवं शिक्षण विधि (CDP) में पारंपरिक प्रश्नों की बजाय वैचारिक और परिस्थिति आधारित प्रश्न अधिक पूछे गए, जिससे सही उत्तर चुनने में काफी समय लगा। वहीं गणित और पर्यावरण अध्ययन (EVS) के कुछ प्रश्नों ने भी परीक्षार्थियों को उलझाए रखा।
परीक्षार्थियों के अनुसार, बाल विकास एवं शिक्षण विधि में सीधे सिद्धांत आधारित प्रश्न बहुत कम थे। अधिकांश प्रश्न कक्षा शिक्षण की वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित थे, जिनके विकल्प एक-दूसरे से काफी मिलते-जुलते थे। ऐसे में सही उत्तर चुनने के लिए गहराई से सोचने की आवश्यकता पड़ी।
गणित विषय में ज्यामिति और बीजगणित से जुड़े कई प्रश्न लंबे कैलकुलेशन वाले थे, जिसके कारण काफी समय खर्च हुआ। कई अभ्यर्थी समय की कमी के कारण सभी प्रश्न हल नहीं कर सके। विज्ञान में विश्लेषणात्मक और कोड आधारित प्रश्न देखने को मिले, जबकि पर्यावरण अध्ययन में उत्तर प्रदेश के भूगोल, जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े अपेक्षाकृत गहरे प्रश्न पूछे गए।
हालांकि हिन्दी, अंग्रेजी और संस्कृत विषयों के प्रश्न अपेक्षाकृत सरल रहे। भाषा अनुभाग में अधिकांश प्रश्न पाठ्यक्रम के अनुरूप और सीधे पूछे गए, जिससे अभ्यर्थियों को राहत मिली।
परीक्षा देकर निकली अभ्यर्थी स्वाति कुशवाहा ने बताया कि प्रश्नपत्र का स्तर अच्छा था, लेकिन बाल विकास एवं शिक्षण विधि के वैचारिक प्रश्नों ने समय लिया। वहीं शिक्षिका कल्पना चौधरी ने कहा कि अच्छी तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए प्रश्नपत्र संतुलित रहा और भाषा विषय अपेक्षाकृत आसान थे।
परीक्षा में लगभग 71 प्रतिशत रही उपस्थिति
पहले दिन दोनों पालियों को मिलाकर कुल 39,468 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 28,116 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 11,352 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। पहली पाली में 71.10 प्रतिशत तथा दूसरी पाली में 71.36 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई।
जिलाधिकारी और अधिकारियों ने किया परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण
परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने परीक्षा कक्षों, अभ्यर्थियों की प्रवेश व्यवस्था, बायोमीट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और स्ट्रांग रूम की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा केंद्र व्यवस्थापकों को नकलविहीन परीक्षा कराने के निर्देश दिए।
14 फर्जी परीक्षार्थी गिरफ्तार, एफआईआर दर्ज
UPTET 2026 के पहले ही दिन विभिन्न जिलों में 14 फर्जी परीक्षार्थियों को पकड़ा गया। सभी आरोपियों को पुलिस के हवाले कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। फर्जी अभ्यर्थी बदायूं, इटावा, फिरोजाबाद, गोंडा, कानपुर, मथुरा, मुरादाबाद, सहारनपुर, वाराणसी और गोरखपुर समेत कई जिलों से पकड़े गए।
बायोमीट्रिक सत्यापन के बाद ही मिला प्रवेश
सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। अभ्यर्थियों को बायोमीट्रिक सत्यापन, पहचान पत्र की जांच और सघन तलाशी के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया। परीक्षा की निगरानी के लिए बड़ी संख्या में मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टैटिक मजिस्ट्रेट और पुलिस बल तैनात रहा, जिससे पूरी परीक्षा प्रक्रिया शांतिपूर्ण और नकलविहीन ढंग से संपन्न हुई।


