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PRASHAST 2.0: 31 जुलाई तक शिक्षकों को पूरा करना होगा अनिवार्य प्रशिक्षण, इसके बाद होगी दिव्यांग छात्रों की स्क्रीनिंग

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सभी परिषदीय एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। महानिदेशक (स्कूल शिक्षा) के आदेश के अनुसार अब विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की दिव्यांगताओं की प्रारंभिक स्क्रीनिंग एवं पहचान का कार्य PRASHAST 2.0 App के माध्यम से कराया जाएगा। इसके लिए प्रधानाध्यापकों, सहायक अध्यापकों एवं स्पेशल एजुकेटर्स को पहले ऑनलाइन संवेदीकरण (Sensitization) प्रशिक्षण पूरा करना अनिवार्य होगा।

PRASHAST 2.0 App Training 2026

विभाग ने स्पष्ट किया है कि 31 जुलाई 2026 तक सभी संबंधित शिक्षकों को PRASHAST 2.0 ऐप पर उपलब्ध 10 प्रशिक्षण वीडियो अनिवार्य रूप से देखने होंगे। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ही विद्यालय स्तर पर दिव्यांग छात्रों की स्क्रीनिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

क्या है PRASHAST 2.0?

PRASHAST (Pre-Assessment Holistic Screening Tool) शिक्षा मंत्रालय एवं NCERT द्वारा विकसित एक डिजिटल स्क्रीनिंग टूल है। इसका उद्देश्य विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों में RPwD Act, 2016 के अंतर्गत शामिल 21 प्रकार की दिव्यांगताओं की प्रारंभिक पहचान करना है। इससे ऐसे बच्चों को समय पर चिकित्सकीय परीक्षण, प्रमाणन और समावेशी शिक्षा का लाभ दिलाने में सहायता मिलेगी।

प्रशिक्षण क्यों है जरूरी?

स्क्रीनिंग का कार्य सामान्य शिक्षक एवं स्पेशल एजुकेटर करेंगे। इसलिए विभाग चाहता है कि सभी शिक्षक पहले विभिन्न प्रकार की दिव्यांगताओं के लक्षण, व्यवहारिक संकेत और पहचान की प्रक्रिया को समझें। इसी उद्देश्य से PRASHAST 2.0 ऐप पर ऑनलाइन प्रशिक्षण मॉड्यूल उपलब्ध कराया गया है, जिसे पूरा करना सभी शिक्षकों के लिए अनिवार्य किया गया है।

इन 10 विषयों पर मिलेगा प्रशिक्षण

  • परिचय – समावेशी शिक्षा की दिशा में एक कदम
  • गतिशीलता संबंधी दिव्यांगता की समझ, अवलोकन एवं पहचान
  • दृष्टिबाधिता की समझ, अवलोकन एवं पहचान
  • श्रवणबाधिता की समझ, अवलोकन एवं पहचान
  • बौद्धिक दिव्यांगता की समझ, अवलोकन एवं पहचान
  • विशेष अधिगम अक्षमता की समझ एवं पहचान
  • स्वपारायणता (Autism Spectrum Disorder) की समझ एवं पहचान
  • मानसिक दिव्यांगता की समझ एवं पहचान
  • अन्य दिव्यांगताओं की समझ एवं पहचान
  • निष्कर्ष – प्रशस्त के साथ पहला कदम

BSA और BEO को दिए गए निर्देश

महानिदेशक (स्कूल शिक्षा) ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA), खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) तथा जिला समन्वयकों (समग्र शिक्षा) को निर्देश दिए हैं कि वे अपने जनपद के सभी परिषदीय एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों तक यह सूचना तत्काल पहुंचाएं। साथ ही PRASHAST 2.0 ऐप का लिंक व्हाट्सएप एवं अन्य माध्यमों से साझा कर यह सुनिश्चित करें कि सभी शिक्षक निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रशिक्षण पूरा करें।

कैसे करें प्रशिक्षण?

शिक्षक विद्यालय के UDISE Code और UDISE+ में पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से PRASHAST 2.0 पोर्टल पर लॉगिन कर सकते हैं। लॉगिन के बाद Teacher Sensitization Module में उपलब्ध सभी 10 वीडियो क्रमवार देखने होंगे। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ही स्क्रीनिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

महत्वपूर्ण लिंक

🌐 PRASHAST 2.0 आधिकारिक पोर्टल
https://prashast.ncert.gov.in

📚 PRASHAST 2.0 ब्रोशर (PDF)
https://ciet.ncert.gov.in/storage/app/public/files/19/Brochure/PRASHAST_Brochure_26_EN.pdf

📱 PRASHAST App (Android Download)
https://play.google.com/store/apps/details?id=com.dscs.app

मुख्य बातें

  • 31 जुलाई 2026 तक PRASHAST 2.0 प्रशिक्षण पूरा करना अनिवार्य।
  • सभी प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक और स्पेशल एजुकेटर्स को 10 प्रशिक्षण वीडियो देखने होंगे।
  • प्रशिक्षण के बाद ही दिव्यांग छात्रों की स्क्रीनिंग शुरू होगी।
  • PRASHAST 2.0 के माध्यम से 21 प्रकार की दिव्यांगताओं की प्रारंभिक पहचान की जाएगी।
  • BSA, BEO और जिला समन्वयकों को सभी विद्यालयों तक निर्देश पहुंचाने के आदेश जारी किए गए हैं।