उत्तर प्रदेश के महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय ने वर्षा ऋतु के दौरान परिषदीय विद्यालयों में स्वच्छता, सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं को लेकर सभी जिलों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश में सभी विद्यालयों में दो दिवसीय विशेष अभियान चलाकर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य निर्देश
- विद्यालय परिसर, कक्षाओं, शौचालयों, पेयजल स्रोतों और रसोईघर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए।
- विद्यालय परिसर में जलभराव न होने दिया जाए तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए।
- भवनों एवं अन्य ढांचों की छतों से कचरा, सूखे पत्ते और अन्य अवशिष्ट सामग्री हटाई जाए।
- मच्छरों की रोकथाम के लिए एंटी-लार्वा छिड़काव, फॉगिंग एवं अन्य आवश्यक उपाय किए जाएं।
- पेयजल की शुद्धता सुनिश्चित करते हुए पानी की टंकियों की सफाई और क्लोरीनेशन कराया जाए।
- झाड़ियों, घास-फूस तथा जलभराव वाले स्थानों की नियमित सफाई कराई जाए।
- विद्युत तारों, भवनों की छतों, दीवारों एवं अन्य संरचनाओं का निरीक्षण कर संभावित खतरों का तत्काल निस्तारण किया जाए।
- विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को स्वच्छता, हाथ धोने, सुरक्षित पेयजल के उपयोग तथा वर्षा ऋतु में फैलने वाले रोगों से बचाव के प्रति जागरूक किया जाए।
- किसी भी आपात स्थिति या दुर्घटना की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए।
फोटो और वीडियो भेजने के निर्देश
महानिदेशक कार्यालय ने निर्देश दिए हैं कि विद्यालयों में चलाए गए सफाई अभियान की 2–2 फोटो और 1–1 वीडियो सुरक्षित रखते हुए निर्माण इकाई की ईमेल आईडी ssaupcivilnew@gmail.com पर साझा किए जाएं। इन गतिविधियों की समीक्षा अगस्त के प्रथम सप्ताह में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जाएगी।
इन निर्देशों का उद्देश्य वर्षा ऋतु के दौरान विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं एवं कार्यरत शिक्षकों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और स्वास्थ्यकर वातावरण उपलब्ध कराना है। सभी अधिकारियों को आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।



