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शिक्षामित्रों के सेवा नियम: 360 दिन मातृत्व अवकाश, 11 आकस्मिक अवकाश और संविदा अवधि से जुड़ी पूरी जानकारी

Sir Ji Ki Pathshala

उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की सेवा शर्तों को लेकर समय-समय पर शासन स्तर से विभिन्न आदेश जारी किए गए हैं। इन आदेशों में मातृत्व अवकाश, आकस्मिक अवकाश, कार्य दायित्व, संविदा अवधि और मानदेय से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं। कई बार जानकारी के अभाव में शिक्षामित्र अपने अधिकारों और नियमों को लेकर असमंजस में रहते हैं। ऐसे में इन नियमों की स्पष्ट जानकारी होना आवश्यक है।

यदि आप भी उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्र या अनुदेशक हैं, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी है। यहां सेवा से जुड़े प्रमुख नियमों को सरल भाषा में विस्तार से बताया गया है।

पहले दो बच्चों के लिए 360 दिन तक मातृत्व अवकाश की सुविधा

महिला शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों को मातृत्व अवकाश का लाभ शासनादेश के अनुसार दिया जाता है। 30 दिसंबर 2019 को जारी आदेश के तहत पहले दो बच्चों के लिए 180-180 दिन का मातृत्व अवकाश स्वीकृत है। अर्थात प्रथम और द्वितीय संतान के जन्म पर कुल 360 दिनों तक का मातृत्व अवकाश प्राप्त किया जा सकता है।

शिक्षामित्र सेवा नियम 2026: 360 दिन मातृत्व अवकाश, 11 आकस्मिक अवकाश और संविदा अवधि की जानकारी

इस व्यवस्था का उद्देश्य महिला शिक्षामित्रों को मातृत्व के दौरान पर्याप्त समय उपलब्ध कराना तथा नवजात शिशु की देखभाल सुनिश्चित करना है। हालांकि यह सुविधा केवल पहले दो बच्चों तक ही सीमित है और इसके लिए विभागीय नियमों का पालन आवश्यक होता है।

चिकित्सा अवकाश, CCL और LWP की सुविधा उपलब्ध नहीं

शिक्षामित्रों की नियुक्ति संविदा व्यवस्था के अंतर्गत होने के कारण उन्हें नियमित कर्मचारियों की तरह सभी प्रकार के अवकाश नहीं मिलते हैं। वर्तमान नियमों के अनुसार चिकित्सा अवकाश (Medical Leave), चाइल्ड केयर लीव (CCL) तथा Leave Without Pay (LWP) का प्रावधान नहीं है।

यदि कोई शिक्षामित्र लंबे समय तक अनुपस्थित रहता है, तो उस अवधि के संबंध में विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए अवकाश लेने से पहले सक्षम अधिकारी से अनुमति प्राप्त करना आवश्यक माना जाता है।

प्रत्येक संविदा वर्ष में 11 आकस्मिक अवकाश

शिक्षामित्रों को प्रत्येक संविदा वर्ष में 11 आकस्मिक अवकाश (Casual Leave) प्रदान किए जाते हैं। इन अवकाशों का उपयोग व्यक्तिगत अथवा आकस्मिक परिस्थितियों में किया जा सकता है।

यदि सभी आकस्मिक अवकाश समाप्त हो जाएं और उसके बाद बिना अनुमति अनुपस्थिति दर्ज होती है, तो संबंधित अवधि का मानदेय काटा जा सकता है। इसलिए अवकाश का उपयोग सोच-समझकर करना चाहिए तथा यथासंभव पूर्व सूचना देकर अनुमति प्राप्त करनी चाहिए।

बिना अनुमति अनुपस्थित रहने पर हो सकती है मानदेय कटौती

यदि कोई शिक्षामित्र विद्यालय से बिना पूर्व स्वीकृति अनुपस्थित रहता है, तो संबंधित अवधि के लिए मानदेय में कटौती की जा सकती है। इसके अतिरिक्त लगातार अनुपस्थिति की स्थिति में विभागीय स्तर पर अन्य आवश्यक कार्रवाई भी की जा सकती है। इसलिए विद्यालय में नियमित उपस्थिति बनाए रखना आवश्यक है।

कक्षा 1 से 5 तक शिक्षण कार्य की जिम्मेदारी

शिक्षामित्रों का मुख्य दायित्व प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। उन्हें कक्षा 1 से कक्षा 5 तक शिक्षण कार्य सौंपा जाता है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक विद्यालय की आवश्यकता, छात्र संख्या तथा विषयवार व्यवस्था को देखते हुए शिक्षामित्रों को कक्षाएं आवंटित करते हैं।

इसके अतिरिक्त विद्यालय की विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों, नामांकन अभियान, मूल्यांकन कार्य, अभिभावक बैठक, मिशन प्रेरणा तथा विभागीय कार्यक्रमों में भी आवश्यकतानुसार उनकी सहभागिता सुनिश्चित की जाती है।

संविदा अवधि में किया गया संशोधन

शासन द्वारा जारी संशोधित व्यवस्था के अनुसार शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों की संविदा अवधि अब प्रत्येक वर्ष 16 जून से प्रारंभ होकर अगले वर्ष 31 मई तक प्रभावी रहती है। इसी अवधि के आधार पर उनकी सेवाओं का नवीनीकरण तथा मानदेय संबंधी प्रक्रिया संचालित की जाती है।

शिक्षामित्रों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव

शिक्षामित्रों को चाहिए कि वे सभी शासनादेशों और विभागीय निर्देशों की अद्यतन जानकारी समय-समय पर प्राप्त करते रहें। किसी भी अवकाश के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें तथा विद्यालय के प्रधानाध्यापक और संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी के निर्देशों का अनुपालन करें। इससे अनावश्यक विवाद और मानदेय संबंधी समस्याओं से बचा जा सकता है।

मुख्य बिंदु

  • पहले दो बच्चों के लिए 180-180 दिन का मातृत्व अवकाश।
  • कुल 360 दिन तक मातृत्व अवकाश का लाभ।
  • प्रत्येक संविदा वर्ष में 11 आकस्मिक अवकाश।
  • चिकित्सा अवकाश, CCL एवं LWP का प्रावधान नहीं।
  • बिना अनुमति अनुपस्थित रहने पर मानदेय कटौती संभव।
  • कक्षा 1 से 5 तक शिक्षण कार्य की जिम्मेदारी।
  • संविदा अवधि 16 जून से अगले वर्ष 31 मई तक प्रभावी।
  • सभी नियम संबंधित शासनादेश एवं विभागीय निर्देशों के अधीन लागू होंगे।

अस्वीकरण: यह लेख उपलब्ध शासनादेशों एवं विभागीय प्रावधानों के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी प्रशासनिक निर्णय, अवकाश स्वीकृति अथवा अन्य सेवा लाभ के लिए बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी नवीनतम शासनादेश एवं आधिकारिक निर्देशों का अवश्य पालन करें।