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ITR Filing 2026: अब CBDT भेजेगा SMS और ईमेल अलर्ट, AIS में दिखेगी विदेशी संपत्तियों और आय की जानकारी

Sir Ji Ki Pathshala

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने वाले करदाताओं के लिए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने एक महत्वपूर्ण सुविधा शुरू की है। अब आयकर विभाग टैक्सपेयर्स को SMS और ईमेल के माध्यम से महत्वपूर्ण सूचनाएं भेजेगा। साथ ही, ई-फाइलिंग पोर्टल पर Annual Information Statement (AIS) में विदेशों में मौजूद संपत्तियों (Foreign Assets) और विदेशी आय (Foreign Income) से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसका उद्देश्य करदाताओं को सही जानकारी के आधार पर ITR दाखिल करने में मदद करना और टैक्स अनुपालन को आसान बनाना है।

ITR Filing 2026:

AIS में क्या नई सुविधा मिलेगी?

नई व्यवस्था के तहत अब टैक्सपेयर्स अपने AIS में विदेशों में मौजूद बैंक खाते, निवेश, अन्य वित्तीय संपत्तियों और विदेश से प्राप्त आय से संबंधित उपलब्ध जानकारी देख सकेंगे। यह जानकारी भारत को Automatic Exchange of Information (AEOI) व्यवस्था के तहत विभिन्न देशों से प्राप्त होती है।

इस सुविधा से करदाता अपने रिकॉर्ड का मिलान कर सकेंगे और ITR भरते समय गलतियां होने की संभावना कम होगी।

जांच नहीं, सुविधा के लिए शुरू की गई व्यवस्था

CBDT ने स्पष्ट किया है कि यह कदम किसी नई जांच या कार्रवाई के लिए नहीं उठाया गया है। इसका उद्देश्य केवल करदाताओं को उनकी उपलब्ध वित्तीय जानकारी पहले से उपलब्ध कराना है ताकि वे सही और पूर्ण विवरण के साथ अपना आयकर रिटर्न दाखिल कर सकें।

फिलहाल किन वर्षों का डेटा उपलब्ध है?

ई-फाइलिंग पोर्टल पर वर्तमान में निम्न वर्षों का विदेशी आय और संपत्तियों का डेटा उपलब्ध कराया गया है—

  • कैलेंडर वर्ष 2022
  • कैलेंडर वर्ष 2023
  • कैलेंडर वर्ष 2024

वहीं कैलेंडर वर्ष 2025 का डेटा सितंबर या अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध होने की संभावना है।

क्या AIS की जानकारी ही अंतिम मानी जाएगी?

CBDT के अनुसार, AIS में दिखाई गई जानकारी को अंतिम या पूर्ण रिकॉर्ड नहीं माना जाएगा। इसमें केवल वही जानकारी शामिल होती है जो भारत को अन्य देशों से प्राप्त होती है।

ITR दाखिल करते समय करदाताओं को Schedule FA और Schedule FSI में अपनी सभी विदेशी संपत्तियों और विदेशी आय का सही एवं पूरा विवरण स्वयं देना होगा। यदि कोई जानकारी AIS में दिखाई नहीं देती, तब भी उसका खुलासा करना करदाता की जिम्मेदारी होगी।

किन लोगों को मिलेगा सबसे अधिक फायदा?

  • विदेश में बैंक खाता या निवेश रखने वाले करदाता।
  • विदेश से वेतन, ब्याज, डिविडेंड या अन्य आय प्राप्त करने वाले व्यक्ति।
  • NRI और ऐसे रेजिडेंट टैक्सपेयर्स जिनकी विदेशी वित्तीय संपत्तियां हैं।
  • ITR दाखिल करने से पहले अपनी जानकारी का मिलान करने वाले करदाता।

ऐसे देखें विदेशी संपत्तियों की जानकारी

  • आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें।
  • Annual Information Statement (AIS) सेक्शन में जाएं।
  • संबंधित वित्तीय वर्ष का चयन करें।
  • Foreign Assets और Foreign Income से संबंधित उपलब्ध जानकारी देखें।
  • आवश्यकता होने पर रिपोर्ट डाउनलोड भी की जा सकती है।

करदाताओं के लिए महत्वपूर्ण सलाह

ITR दाखिल करने से पहले AIS में उपलब्ध जानकारी का मिलान अपने दस्तावेजों से अवश्य करें। यदि आपकी किसी विदेशी संपत्ति या आय का विवरण AIS में नहीं दिख रहा है, तब भी उसे रिटर्न में शामिल करना अनिवार्य है। गलत या अधूरी जानकारी देने पर आयकर नियमों के तहत कार्रवाई हो सकती है।