Type Here to Get Search Results !

UP अंतरजनपदीय स्थानांतरण 2026: हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, आवेदन की अवधि 2 सप्ताह बढ़ी

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ, 20 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों के लिए अंतरजनपदीय स्थानांतरण (Inter-District Transfer) से जुड़ी एक बड़ी राहत सामने आई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने रिट-ए संख्या 6750/2026 (ज्योति कुशवाहा एवं 4 अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य) में महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए 22 जून 2026 के स्पष्टीकरण से प्रभावित पात्र शिक्षकों को दो सप्ताह का अतिरिक्त समय देने का निर्देश दिया है, ताकि वे दोबारा स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकें।

उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों द्वारा दायर याचिका में कहा गया था कि 4 जून 2026 को जारी शासनादेश के आधार पर अंतरजनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू हुई थी। बाद में 22 जून 2026 को जारी स्पष्टीकरण में पति-पत्नी दोनों के शिक्षक होने की स्थिति में आवेदन संबंधी नई व्यवस्था स्पष्ट की गई, जिससे कई पात्र शिक्षक आवेदन करने से वंचित रह गए।

4 जून 2026 के शासनादेश में प्रावधान था कि यदि पति-पत्नी दोनों बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में शिक्षक हैं, तो छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR) के आधार पर उनमें से किसी एक का स्थानांतरण किया जा सकता है। हालांकि 22 जून के स्पष्टीकरण में यह स्पष्ट किया गया कि पति या पत्नी में से जिसने आवेदन किया होगा, केवल उसी के स्थानांतरण पर विचार किया जाएगा, जबकि जिसने आवेदन नहीं किया होगा उसका स्थानांतरण नहीं किया जाएगा।

याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय को बताया कि यह स्पष्टीकरण आवेदन की अंतिम तिथि समाप्त होने और सूची जारी होने के बाद जारी किया गया। इससे अनेक पात्र शिक्षक आवेदन करने का अवसर खो बैठे। इसलिए उन्होंने न्यायालय से दोबारा आवेदन का अवसर उपलब्ध कराने की मांग की।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत अधिवक्ता ने न्यायालय को अवगत कराया कि सरकार को पात्र व्यक्तियों को पुनः आवेदन का अवसर देने के लिए आवेदन अवधि बढ़ाने पर कोई आपत्ति नहीं है। यह जानकारी अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा के निर्देशों के आधार पर न्यायालय के समक्ष रखी गई।

सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माननीय न्यायालय ने आदेश दिया कि 22 जून 2026 के स्पष्टीकरण से प्रभावित सभी पात्र शिक्षकों के लिए आज की तिथि से दो सप्ताह तक आवेदन की अवधि बढ़ाई जाती है। न्यायालय ने यह भी कहा कि यदि याचिकाकर्ता अथवा उनके समान स्थिति वाले अन्य पात्र शिक्षक इस अवधि के भीतर आवेदन करते हैं, तो उनके आवेदन पर नियमानुसार विचार कर निर्णय लिया जाएगा।

इसके साथ ही न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि इस आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार विभागीय वेबसाइट एवं समाचार पत्रों के माध्यम से किया जाए, ताकि सभी पात्र अभ्यर्थियों को इसकी जानकारी मिल सके और वे निर्धारित अवधि के भीतर पुनः आवेदन कर सकें।

माननीय हाईकोर्ट के इस आदेश से उन सभी शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है जो 22 जून 2026 के स्पष्टीकरण के कारण अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए समय पर आवेदन नहीं कर पाए थे। अब ऐसे पात्र अभ्यर्थियों को दो सप्ताह का अतिरिक्त अवसर मिलेगा, जिससे वे पुनः आवेदन कर सकेंगे।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए आवेदन की अवधि 2 सप्ताह बढ़ाने का आदेश दिया है