प्रयागराज। केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके आश्रितों को बड़ी राहत देते हुए सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) से संबद्ध निजी अस्पतालों की नई सूची जारी कर दी है। नई सूची में प्रयागराज के कई प्रमुख अस्पतालों को शामिल किया गया है, जिससे अब लाभार्थियों को कैशलेस इलाज के लिए पहले की तुलना में अधिक विकल्प मिलेंगे।
प्रयागराज में रहने वाले एक लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारी, पेंशनर्स और आश्रित इस फैसले से सीधे लाभान्वित होंगे। अब वे CGHS से संबद्ध निजी अस्पतालों में बिना अग्रिम भुगतान के कैशलेस उपचार की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। पहले सीमित अस्पतालों के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता था, लेकिन नई सूची से यह दायरा काफी बढ़ गया है।
CGHS की वेबसाइट पर जारी सूची के अनुसार, प्रयागराज में नाज़रेथ अस्पताल, यूनाइटेड इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, कमला नेहरू अस्पताल, यशलोक हॉस्पिटल, वीरेंद्र हॉस्पिटल और एक्यूरा क्रिटिकल केयर सहित कई अस्पतालों को संबद्ध किया गया है। इसके अलावा नाज़रेथ अस्पताल के हृदय रोग विभाग को भी नई संबद्धता में शामिल किया गया है।
इसके अतिरिक्त न्यू लाइफ हॉस्पिटल, ओझा ईएनटी एंड सर्जिकल कॉम्प्लेक्स, आशा हॉस्पिटल समेत कई अन्य निजी अस्पतालों को भी CGHS पैनल में जोड़ा गया है। खास बात यह है कि शहर के साथ-साथ नैनी और झूंसी क्षेत्र के अस्पतालों को भी सूची में शामिल किया गया है, ताकि आपातकालीन स्थिति में स्थानीय लाभार्थियों को तुरंत कैशलेस इलाज मिल सके।
प्रयागराज में वर्तमान में CGHS की सात डिस्पेंसरी संचालित हैं। इनमें पंजीकृत लाभार्थी CGHS से संबद्ध किसी भी निजी अस्पताल में निर्धारित नियमों के अनुसार कैशलेस उपचार की सुविधा ले सकते हैं।
वहीं, वाराणसी में भी CGHS से संबद्ध निजी अस्पतालों की संख्या बढ़ाई गई है। नई सूची CGHS की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई है, जिससे लाभार्थी अपने क्षेत्र के पैनल अस्पतालों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
CGHS के अपर निदेशक डॉ. गुलाब चंद ने बताया कि संबद्ध अस्पतालों के लिए नियमों को और अधिक सख्त बनाया गया है। यदि कोई अस्पताल निर्धारित मानकों और सुविधाओं का पालन नहीं करेगा, तो उसे CGHS की संबद्धता सूची से हटाया जा सकता है।
मुख्य बातें
- CGHS ने प्रयागराज और वाराणसी के लिए नए संबद्ध निजी अस्पतालों की सूची जारी की।
- केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनर्स और आश्रितों को कैशलेस इलाज के अधिक विकल्प मिलेंगे।
- प्रयागराज के कई प्रमुख निजी अस्पताल CGHS पैनल में शामिल किए गए।
- नैनी और झूंसी के अस्पतालों को भी सूची में स्थान दिया गया।
- प्रयागराज में CGHS की 7 डिस्पेंसरी संचालित हैं।
- नियमों का पालन न करने वाले अस्पतालों की संबद्धता समाप्त की जा सकती है।


