केंद्र सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की रिपोर्ट आयोग के गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर प्रस्तुत की जाएगी। सरकार के अनुसार, आयोग का गठन नवंबर 2025 में किया गया था, इसलिए इसकी रिपोर्ट अप्रैल 2027 से पहले सरकार को सौंपे जाने की संभावना है।
सरकार के अनुसार, 8वें वेतन आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इसी समय-सीमा के आधार पर आयोग अप्रैल 2027 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकता है।
सरकारी घोषणा के अनुसार, 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जानी हैं। हालांकि आयोग के गठन में हुई देरी के कारण कर्मचारियों और पेंशनर्स को अंतिम फैसले का इंतजार करना पड़ रहा है। यदि आयोग समय से पहले अपनी रिपोर्ट सौंप देता है, तो सरकार सिफारिशों को जल्द लागू करने की दिशा में कदम उठा सकती है।
देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स अब आयोग की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि आयोग की अध्यक्ष रंजना प्रकाश देसाई के नेतृत्व में रिपोर्ट निर्धारित समय से पहले तैयार कर सरकार को सौंपी जा सकती है, जिससे वेतन और पेंशन संबंधी लाभ जल्द मिल सकें।
फिलहाल सरकार ने यही संकेत दिया है कि 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट अप्रैल 2027 से पहले आने की संभावना है। रिपोर्ट आने के बाद ही वेतन, पेंशन, फिटमेंट फैक्टर और अन्य सिफारिशों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। ऐसे में लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की निगाहें अब आयोग की अगली प्रगति पर टिकी हुई हैं।


