लखनऊ: उत्तर प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के तबादले और समायोजन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग आगामी 12 जून से इस प्रक्रिया की शुरुआत करने जा रहा है। सोमवार को माध्यमिक शिक्षा निदेशक द्वारा जारी विस्तृत दिशा-निर्देशों के अनुसार, सरप्लस (अतिशिल्प) घोषित होने वाले शिक्षकों को खुद आवेदन करने पर मनपसंद और बेहतर विकल्प चुनने का मौका मिलेगा।
यदि शिक्षक तय समय सीमा के भीतर आवेदन नहीं करते हैं, तो विभाग अपनी सुविधानुसार रिक्त पदों पर उनका समायोजन कर देगा।
महत्वपूर्ण तिथियां (टाइमलाइन)
तबादला प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त समय सीमा तय की है:
- 12 जून: जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) एनआईसी (NIC) की वेबसाइट पर सरप्लस शिक्षकों की सूची सार्वजनिक करेंगे।
- 18 जून तक: सरप्लस श्रेणी में आने वाले शिक्षक डीआईओएस कार्यालय के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन दर्ज करा सकेंगे।
- 25 जून तक: डीआईओएस प्राप्त आवेदनों का परीक्षण और सत्यापन कर उसे अंतिम अनुमोदन के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक को भेजेंगे।
- 30 जून: चयनित शिक्षकों को पुराने स्कूल से कार्यमुक्त (Relieve) कर नए स्कूल में कार्यभार (Join) ग्रहण करा दिया जाएगा।
खुद आवेदन करने पर मिलेगा बेहतर विकल्प
विभाग ने साफ किया है कि जो शिक्षक सरप्लस की श्रेणी में आ रहे हैं, वे अपनी पसंद के विद्यालयों का विकल्प दे सकते हैं। उनके द्वारा दिए गए विकल्पों को तय मानकों के आधार पर वरीयता क्रम (Priority List) में रखा जाएगा।
चेतावनी: जो सरप्लस शिक्षक समय रहते खुद आवेदन नहीं करेंगे, उन्हें विभाग द्वारा किसी भी ऐसे विद्यालय में भेज दिया जाएगा जहां पद खाली होंगे। इसलिए स्वतः आवेदन करना शिक्षकों के हित में होगा।
'लास्ट इन, [First Out]' के तहत तय होंगे सरप्लस शिक्षक
सरप्लस शिक्षकों के निर्धारण के लिए विभाग ने पारदर्शी नीति अपनाई है। विद्यालय में सबसे अंत में नियुक्त या स्थानांतरित होकर आने वाले शिक्षक को ही सबसे पहले सरप्लस माना जाएगा।
इसके अलावा, ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए जिलों को तीन अलग-अलग जोन में बांटा गया है:
- जोन-1: इस दायरे में जिले की नगरीय सीमा या जिला मुख्यालय से 8 किलोमीटर तक की दूरी वाले विद्यालय आएंगे।
- जोन-2: इसके अंतर्गत जिले के तहसील मुख्यालय से 2 किलोमीटर तक की दूरी वाले क्षेत्र शामिल होंगे।
- जोन-3: उपरोक्त दोनों श्रेणियों के बाहर आने वाले अन्य सभी दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालय इस जोन का हिस्सा होंगे।
नई नियुक्तियों के लिए जोन-3 को प्राथमिकता
शासन द्वारा जारी नीति के मुताबिक, नई नियुक्तियों या तैनातियों में सबसे पहले जोन-3 (दूरस्थ क्षेत्रों) के विद्यालयों के पदों को भरा जाएगा। इस जोन में शिक्षकों को न्यूनतम तीन वर्ष की सेवा अनिवार्य रूप से देनी होगी।
तबादला प्रक्रिया के पहले चरण में केवल सरप्लस शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा। इसके बाद ही अन्य निर्धारित श्रेणियों के शिक्षकों को सामान्य तबादले का विकल्प दिया जाएगा।


