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यूपी माध्यमिक शिक्षकों को बड़ी राहत: जनगणना ड्यूटी के बदले मिलेगा EL (अर्जित अवकाश)

Sir Ji Ki Pathshala

​उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के लिए एक अत्यंत राहत भरी खबर है। ग्रीष्मावकाश के दौरान राष्ट्रीय महत्व के कार्यों जैसे जनगणना और विभिन्न सार्वजनिक परीक्षाओं में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को अब राजकीय विद्यालयों के शिक्षकों की भांति 'अर्जित अवकाश' (Earned Leave - EL) का लाभ दिया जाएगा।

​शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) ने शासन को भेजा प्रस्ताव

​शिक्षा निदेशक (माध्यमिक), उत्तर प्रदेश, प्रयागराज (डॉ. महेन्द्र देव) द्वारा अनु सचिव, माध्यमिक शिक्षा-5 अनुभाग, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ को एक महत्वपूर्ण पत्र भेजा गया है। इस पत्र में स्पष्ट रूप से सिफारिश की गई है कि ग्रीष्मावकाश की अवधि में अतिरिक्त कार्य करने वाले अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को अर्जित अवकाश प्रदान करना सर्वथा न्यायसंगत और समीचीन होगा।

माध्यमिक शिक्षकों को जनगणना ड्यूटी के बदले अर्जित अवकाश (EL) संबंधी आधिकारिक पत्र

​शिक्षक संघ की मांग पर त्वरित कार्रवाई

​यह निर्णय उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री श्री लालमणि द्विवेदी द्वारा दिनांक 18.05.2026 को भेजे गए मांग पत्र के संदर्भ में लिया गया है। शिक्षक संघ ने शासन का ध्यान आकर्षित किया था कि वर्ष 2026 में मई और जून के महीनों में होने वाले जनगणना कार्य के लिए प्रदेश के सभी जनपदों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। 21 मई से 30 जून तक चलने वाले इस ग्रीष्मावकाश के दौरान शिक्षकों को रविवार व अन्य अवकाश के दिनों में भी सार्वजनिक परीक्षाओं और उनकी ब्रीफिंग के लिए रोका जा रहा है, जिससे वे अपने सवैतनिक दीर्घ अवकाश का उपभोग नहीं कर पा रहे हैं। यहाँ तक कि कतिपय जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) द्वारा शिक्षकों के स्टेशन छोड़ने पर भी रोक लगा दी गई है।

​विधिक प्रावधान और मुख्य बिंदु:

  • समानता का अधिकार: अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों को भी राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के अध्यापकों की भांति उपार्जित अवकाश (EL) का लाभ मिलेगा।
  • इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 का संदर्भ: अधिनियम के अध्याय-3 के विनियम 99 के अंतर्गत सहायता प्राप्त विद्यालयों के अध्यापकों को भी राजकीय शिक्षकों के समान ही प्रतिबंधों के अधीन अवकाश देय होते हैं।
  • वित्तीय नियम संग्रह का प्रावधान: वित्तीय नियम संग्रह, खण्ड-2, भाग-2 से 4 के मूल नियम 81 ख(1) के द्वितीय प्रतिबंधात्मक खण्ड के प्रावधानों के तहत जब शिक्षकों को शासकीय कार्य के कारण संपूर्ण या आंशिक दीर्घअवकाश का उपभोग नहीं करने दिया जाता, तब अर्जित अवकाश का विनियमन किया जाता है।

​पूर्व के शासनादेशों का दिया गया हवाला

​शिक्षा निदेशक द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में पूर्व में जारी विभिन्न शासनादेशों का भी संदर्भ दिया गया है, जिनमें शासनादेश संख्या-1527/15-7-1/84 दिनांक 24 फरवरी 1986, पत्रांक मा० (2)/डी०ओ०/82-221/सोलह दिनांक 09 अप्रैल 1987, तथा वर्ष 1992 और 1995 के आदेश शामिल हैं। इन पूर्व आदेशों में भी बोर्ड परीक्षाओं, मूल्यांकन, प्रशिक्षण और जनगणना आदि का कार्य ग्रीष्म अवकाश में लिए जाने के बदले शिक्षकों को अर्जित अवकाश देने के निर्देश समय-समय पर निर्गत किए गए थे।

​शिक्षकों में हर्ष की लहर

​इस आधिकारिक संस्तुति के बाद प्रदेश के लाखों माध्यमिक शिक्षकों में खुशी की लहर है। शिक्षकों का कहना है कि भीषण गर्मी में जनगणना जैसे दुरुह और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य तथा परीक्षाओं के सफल संचालन में वे अपनी पूरी ऊर्जा लगा रहे हैं। ऐसे में शासन द्वारा उनके इस श्रम को पहचानते हुए अर्जित अवकाश (EL) की सुविधा देना एक सराहनीय और स्वागत योग्य कदम है। अब अंतिम निर्णय के लिए यह प्रकरण उत्तर प्रदेश शासन के विचाराधीन है, जिस पर जल्द ही अंतिम मुहर लगने की उम्मीद है।

माध्यमिक शिक्षकों को जनगणना ड्यूटी के बदले अर्जित अवकाश (EL) संबंधी आधिकारिक पत्र