Type Here to Get Search Results !

मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना: जानिए कौन-कौन से पारिवारिक सदस्य और आश्रित उठा सकते हैं लाभ?

Sir Ji Ki Pathshala 0

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत वर्तमान में शिक्षकों, शिक्षा मित्रों और अन्य कर्मियों के रजिस्ट्रेशन और कार्ड बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य संबंधी खर्चों के बोझ को कम करना है। हालांकि, कई कर्मियों के मन में यह सवाल है कि इस योजना के अंतर्गत 'परिवार' की परिभाषा क्या है और कौन-कौन से आश्रित (Dependents) इसके दायरे में आते हैं।

shikshak cashless yojana dependent rules

​आइए इस योजना के नियमों, आयु सीमा और आय की शर्तों को विस्तार से समझते हैं।

​1. योजना के दायरे में आने वाले कर्मी

​इस कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ निम्नलिखित पदों पर कार्यरत कर्मियों और उनके आश्रितों को मिलेगा:

  • ​विद्यालयों में कार्यरत नियमित शिक्षक
  • ​शिक्षा मित्र और विशेष शिक्षक (Special Educators)
  • ​अनुदेशक (Instructors)
  • ​कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) में कार्यरत वार्डन, पूर्णकालिक एवं अंशकालिक शिक्षक/शिक्षिकाएं
  • ​प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत कार्यरत रसोइया (Cooks)

​2. 'परिवार' की आधिकारिक परिभाषा

​योजना के नियमानुसार, परिवार के अंतर्गत सरकारी सेवा में कार्यरत मुख्य सदस्य के साथ रहने वाले निम्नलिखित लोगों को शामिल किया गया है:

  • पति या पत्नी: यदि पति शिक्षक है तो पत्नी, और यदि पत्नी शिक्षिका है तो पति (दोनों के कार्यरत होने की स्थिति में भी वे एक ही परिवार का हिस्सा माने जाएंगे)।
  • माता-पिता और सौतेली माता (जो पूरी तरह कर्मी पर आश्रित हों)।
  • बच्चे और सौतेले बच्चे
  • अविवाहित/तलाकशुदा/परित्यक्ता बेटियां और बहनें
  • अवयस्क (Minor) भाई

​3. आश्रितों (Dependents) के लिए आय की सीमा

​योजना के तहत किसी भी सदस्य को 'पूर्णतः आश्रित' तभी माना जाएगा जब इलाज शुरू होने के समय सभी स्रोतों से उसकी मासिक आय ₹3,500 या मूल पेंशन पर मिलने वाले महंगाई भत्ते (DA) के योग से अधिक न हो। हालांकि, पति-पत्नी के मामले में यह आय सीमा लागू नहीं होती है।

​4. बच्चों और अन्य सदस्यों के लिए आयु एवं अन्य शर्तें

​विभिन्न आश्रितों के लिए योजना का लाभ लेने की शर्तें और समय-सीमा कुछ इस प्रकार निर्धारित हैं:

  • पुत्र (Beta): बेटा तब तक ही आश्रित माना जाएगा जब तक वह 25 वर्ष की आयु प्राप्त नहीं कर लेता, या उसकी शादी नहीं हो जाती, या फिर वह कहीं सेवायोजित (रोजगार) नहीं हो जाता। इन तीनों में से जो भी स्थिति पहले आएगी, उसके बाद वह योजना के दायरे से बाहर हो जाएगा।
  • पुत्री (Beti): बेटी की शादी होने या उसके कहीं रोजगार में लग जाने (जो भी पहले हो) तक ही उसे आश्रित माना जाएगा।
  • दिव्यांग पुत्र: यदि कोई पुत्र शारीरिक या मानसिक रूप से स्थाई निशक्तता (दिव्यांगता) से ग्रस्त है, तो वह जीवन पर्यंत (Lifelong) इस योजना के तहत आश्रित माना जाएगा।
  • तलाकशुदा/परित्यक्ता/विधवा बेटियां और बहनें: ऐसी बेटियां या बहनें जो अविवाहित हैं, तलाकशुदा हैं, पति द्वारा छोड़ दी गई हैं या विधवा हैं, वे भी जीवन पर्यंत इस योजना का लाभ पाने की हकदार हैं।
  • अवयस्क भाई: शिक्षक का छोटा भाई केवल वयस्कता (18 वर्ष की आयु) प्राप्त करने तक ही इस योजना के तहत कवर रहेगा।

​मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना से संबंधित सरकारी आदेशों (GO) के तहत सूचीबद्ध सरकारी और चुनिंदा प्राइवेट अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी। कर्मियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने आश्रितों का विवरण जोड़ने से पहले इन नियमों को ध्यान से पढ़ लें ताकि कार्ड निर्माण (Card Generation) के समय किसी भी तकनीकी या कानूनी समस्या का सामना न करना पड़े।

जुड़ें सर जी की पाठशाला से ! 🚀
👥 50,000+ से अधिक शिक्षक 'सर जी की पाठशाला' से जुड़े हैं।
✅ 100% सटीक और विश्वसनीय जानकारी

إرسال تعليق

0 تعليقات
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Bottom Post Ad