उत्तर प्रदेश में स्कूली शिक्षा को पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तर प्रदेश द्वारा पीएम ई-विद्या डीटीएच चैनलों (PM e-Vidya DTH Channels) पर प्रसारित होने वाली शैक्षिक सामग्री (Educational Content) के निर्माण के लिए एक विशेष वीडियो शूटिंग कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस संबंध में परिषद ने प्रदेश के कई चयनित जिलों के शिक्षकों और संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के कक्षा 1 से 12वीं तक के छात्रों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली, रोचक और पाठ्यक्रम आधारित वीडियो सामग्री तैयार करना है।
क्या है पीएम ई-विद्या योजना और इसका महत्व?
भारत सरकार द्वारा शुरू की गई 'पीएम ई-विद्या' योजना के अंतर्गत कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए समर्पित डीटीएच चैनलों का आवंटन किया गया है। इन चैनलों पर:
- शैक्षिक सामग्री का 24×7 (चौबीसों घंटे) प्रसारण किया जाता है, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले छात्र भी बिना किसी बाधा के पढ़ाई कर सकें।
- टीवी प्रसारण के साथ-साथ यह पूरी शिक्षण सामग्री पीएम ई-विद्या के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी अपलोड की जाती है, ताकि छात्र अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी इसे देख सकें और रिवीजन कर सकें।
6 से 10 जुलाई तक लखनऊ में जुटेगा शिक्षकों का दल
SCERT द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, यह महत्वपूर्ण वीडियो शूटिंग कार्यशाला 6 जुलाई से 10 जुलाई 2026 तक आयोजित की जाएगी।
- स्थान: SCERT, लखनऊ का मुख्य सभागार।
- समय: कार्यशाला में शामिल होने वाले सभी चयनित प्रतिभागियों को प्रतिदिन प्रातः 9:30 बजे से सायं 6:00 बजे तक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना होगा।
- कार्य: तय समय सारणी और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शिक्षकों को वीडियो शूटिंग के तकनीकी और प्रस्तुतीकरण के कार्य में अपना पूर्ण सहयोग देना होगा।
इन 11 जिलों के शिक्षक और अधिकारी हुए नामित
इस विशेष कार्यशाला के लिए उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से चुनिंदा और प्रतिभाशाली शिक्षकों व अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें निम्नलिखित जिलों के नाम शामिल हैं: गोंडा, सीतापुर, बाराबंकी, बदायूं, गाजीपुर, मिर्जापुर, श्रावस्ती, प्रयागराज, मुरादाबाद, उन्नाव और अयोध्या।
प्रतिभागियों के लिए SCERT के कड़े और विशेष निर्देश
कार्यशाला को पूरी तरह पेशेवर और सफल बनाने के लिए SCERT ने प्रतिभागियों को अपनी पूरी तैयारी के साथ आने को कहा है। जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी शिक्षकों को अपने साथ निम्नलिखित सामग्री लानी होगी:
- तकनीकी उपकरण: सभी प्रतिभागी अपने साथ एक क्रियाशील लैपटॉप और डेटा ट्रांसफर के लिए पेन ड्राइव अवश्य लाएं।
- शिक्षण सामग्री: उन्हें आवंटित किए गए विषय से संबंधित पाठ्यपुस्तकें, नोट्स और TLM (Teaching Learning Material) साथ रखना अनिवार्य है।
- प्रस्तुतीकरण (Look & Presentation): वीडियो ऑन-कैमरा होना है, इसलिए शिक्षकों को अपने साथ विषय और प्रस्तुति के अनुकूल कॉस्ट्यूम (पहनावा) एवं आवश्यक मेकअप सामग्री भी साथ रखनी होगी।
- समयबद्धता: कार्यशाला के दौरान किसी भी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी, सभी को निर्धारित समय पर उपस्थित होकर शूटिंग कार्य को समय से पूरा करना होगा।
डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में आएगा क्रांतिकारी बदलाव
उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग का मानना है कि इस कार्यशाला के माध्यम से तैयार होने वाली गुणवत्तापूर्ण वीडियो-आधारित सामग्री प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के लिए गेम-चेंजर साबित होगी। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि वाले छात्रों तक, जिनके पास महंगे कोचिंग या निजी स्कूलों के संसाधन नहीं हैं, सीधे टीवी के माध्यम से बेहतरीन शिक्षकों का ज्ञान पहुंचेगा। घर बैठे पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार और SCERT की यह पहल बेहद सराहनीय है।
SCERT ने सभी संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने जिलों से नामित शिक्षकों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करें, ताकि इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम दिया जा सके।




