Type Here to Get Search Results !

यूपी के 85,057 आउट ऑफ स्कूल बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की बड़ी तैयारी

Sir Ji Ki Pathshala 0

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ा कदम उठाते हुए स्कूल से वंचित रह रहे बच्चों को दोबारा पढ़ाई की मुख्यधारा में लाने के लिए कमर कस ली है। राज्य परियोजना निदेशालय के निर्देश पर आगामी जुलाई और अगस्त 2026 के दौरान प्रदेशभर में एक विशेष शिक्षण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 6 से 14 वर्ष के आयु वर्ग के उन बच्चों को वापस स्कूलों में लाना है जो किन्हीं कारणों से शिक्षा से दूर हो चुके हैं।

​85,057 आउट ऑफ स्कूल बच्चों की हुई पहचान

​शिक्षा विभाग द्वारा कराए गए सर्वे के अनुसार, उत्तर प्रदेश में कुल 85,057 ऐसे बच्चों को चिन्हित किया गया है जो विद्यालयी शिक्षा से बाहर हैं। इन सभी बच्चों को फिर से स्कूलों से जोड़ने के लिए विभाग द्वारा एक बेहद पुख्ता और विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है, ताकि राज्य के हर एक बच्चे को शिक्षा का अधिकार मिल सके।

​up-out-of-school-children-campaign-2026

​विशेष प्रशिक्षण केंद्रों पर तैनात होंगे विशेष प्रशिक्षक

​अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए शिक्षा विभाग ने बच्चों की संख्या के आधार पर अपनी रणनीति को दो भागों में विभाजित किया है। पहली रणनीति उन स्कूलों के लिए है जहाँ चिन्हित आउट ऑफ स्कूल बच्चों की संख्या 5 या उससे ज़्यादा है। आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के ऐसे स्कूलों में कुल 43,908 बच्चे चिन्हित हैं। इन बच्चों को बेहतर ढंग से शिक्षित करने के लिए पूरे राज्य में 24,309 विशेष प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर बच्चों को पढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षकों की सेवाएं ली जाएंगी, जिसमें सेवानिवृत्त शिक्षकों के साथ-साथ डीएलएड (D.El.Ed.), बीएड (B.Ed.) और स्नातक पास युवाओं को नियुक्त कर जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

​कम संख्या वाले स्कूलों में नियमित शिक्षक संभालेंगे कमान

​विभाग की दूसरी रणनीति उन विद्यालयों के लिए है जहाँ आउट ऑफ स्कूल बच्चों की संख्या 5 से कम है। वर्तमान में करीब 41,149 बच्चे इस श्रेणी के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों में चिन्हित किए गए हैं। ऐसे मामलों में अलग से किसी नए प्रशिक्षक की नियुक्ति नहीं की जाएगी, बल्कि संबंधित विद्यालय के नियमित शिक्षक ही पूरी कमान संभालेंगे। विद्यालय के शिक्षक ही इन बच्चों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए अलग से विशेष शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे ताकि वे अन्य बच्चों के साथ तालमेल बिठा सकें।

إرسال تعليق

0 تعليقات
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Bottom Post Ad