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यूपी के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी, अब ऑनलाइन और ओपन स्कूलिंग से होगी पढ़ाई

Sir Ji Ki Pathshala 0

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के सरकारी और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी से जूझ रहे छात्रों के लिए एक बड़ी खबर है। सालों से नई शिक्षक भर्ती न होने के कारण प्रभावित हो रही पढ़ाई को पटरी पर लाने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने एक अनोखा रास्ता निकाला है। अब जिन स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली हैं, वहाँ डिजिटल तकनीक यानी ऑनलाइन कक्षाओं और ओपन स्कूलिंग के जरिये पाठ्यक्रम पूरा कराया जाएगा।

UP Board School online classes news

गणित, विज्ञान और कंप्यूटर जैसे मुख्य विषयों में संकट

​उत्तर प्रदेश के 2,635 राजकीय और 4,512 सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में लंबे समय से शिक्षकों की कमी बनी हुई है। स्थिति यह है कि कई स्कूलों में गणित, विज्ञान, कंप्यूटर और वाणिज्य (कॉमर्स) जैसे महत्वपूर्ण विषयों को पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक मौजूद नहीं है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग के आला अधिकारी लगातार मंथन कर रहे हैं।

रिटायर्ड शिक्षक और अधिकारी देंगे 'नि:शुल्क' सेवाएं

​इस संकट से उबरने के लिए विभाग दो स्तरों पर रणनीति तैयार कर रहा है:

  1. गेस्ट फैकल्टी योजना: राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा विभाग के सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों से नि:शुल्क गेस्ट फैकल्टी के रूप में सेवाएं लेने पर विचार किया जा रहा है।
  2. ऑनलाइन कक्षाएं: जिन कॉलेजों में शिक्षकों की कमी बहुत ज्यादा है, वहाँ ओपन स्कूलिंग मॉडल या लाइव ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने की योजना है।
इसे भी पढ़ें: इस संबंध में 27 मई को यूपी बोर्ड मुख्यालय में राजकीय, एडेड और वित्तविहीन स्कूलों के प्रधानाचार्यों के साथ एक हाई-लेवल बैठक भी हो चुकी है, जिसमें इन विकल्पों पर सहमति बनाने का प्रयास किया गया।

यूपी बोर्ड ने NIOS को लिखा पत्र

​ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा (Distance Education) को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए यूपी बोर्ड की ओर से राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) को एक पत्र भेजा गया है। विभाग की योजना है कि NIOS के सहयोग से डिजिटल स्टडी मटेरियल और ऑनलाइन क्लासेज का खाका तैयार किया जाए, ताकि शिक्षकों की कमी के बावजूद बोर्ड परीक्षार्थियों और अन्य छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो।

​अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग का यह 'डिजिटल फॉर्मूला' धरातल पर कितना कामयाब होता है और छात्रों को इससे कितनी राहत मिलती है।

Quick Highlights (मुख्य बिंदु):

    • प्रभावित स्कूल: 2635 राजकीय और 4512 सहायता प्राप्त विद्यालय।
    • प्रभावित विषय: गणित, विज्ञान, कंप्यूटर और वाणिज्य (Commerse)।
    • विभाग का प्लान: ऑनलाइन कक्षाएं, ओपन स्कूलिंग और रिटायर्ड शिक्षकों की सेवाएं।
    • सहयोगी संस्थान: राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS)।

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