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बीटीसी-2004 बैच के शिक्षकों ने फिर बुलंद की पुरानी पेंशन की मांग, मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा

Sir Ji Ki Pathshala 0

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली को लेकर आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। इस बार सूबे के द्विवर्षीय बीटीसी-2004 बैच के शिक्षकों ने अपनी बरसों पुरानी मांग को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 'बीटीसी शिक्षक पेंशन अधिकार मंच, उत्तर प्रदेश' के बैनर तले शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। शिक्षकों ने मांग की है कि उनके लंबित पड़े इस प्रकरण का शासन स्तर पर शीघ्र निस्तारण कर उन्हें पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए।

UP BTC 2004 batch teachers submitting memorandum to CM Yogi for OPS

​क्या है पूरा मामला और शिक्षकों का दावा?

​शिक्षकों का तर्क कानूनी और शासनादेश के नियमों पर आधारित है। मंच के पदाधिकारियों के अनुसार:

  • विज्ञापन की तारीख: बीटीसी-2004 बैच के शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया का आधिकारिक विज्ञापन 8 सितंबर 2004 को प्रकाशित किया गया था। यह तारीख देश और प्रदेश में नई पेंशन योजना (NPS) लागू होने से काफी पहले की है।
  • शासनादेश का हवाला: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी शासनादेश दिनांक 28 जून 2024 में स्पष्ट उल्लेख है कि जिन भी सरकारी कर्मचारियों या शिक्षकों की नियुक्ति का विज्ञापन 28 मार्च 2005 से पहले जारी हुआ था, वे पुरानी पेंशन योजना (OPS) के पात्र माने जाएंगे।

​चूंकि बीटीसी-2004 का विज्ञापन सितंबर 2004 का है, इसलिए तकनीकी और कानूनी रूप से ये शिक्षक पुरानी पेंशन के पूर्ण हकदार हैं।

​विकल्प पत्र जमा होने के बाद भी क्यों अटका है मामला?

​शिक्षकों ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी जनपदों से बीटीसी-2004 बैच के शिक्षकों ने निर्धारित प्रारूप पर अपने विकल्प पत्र (Option Forms) भरकर विभाग को सौंप दिए हैं। जिला स्तर से इन दस्तावेजों को विभागीय संस्तुति (Forwarding) के साथ शासन को भी भेजा जा चुका है।

बड़ा सवाल: सारी कागजी कार्रवाई और विभागीय संस्तुति पूरी होने के बावजूद, फाइल अब तक शासन स्तर पर अंतिम निर्णय के लिए धूल फांक रही है। इसी ढुलमुल रवैये से नाराज होकर शिक्षकों को दोबारा मुख्यमंत्री के द्वार पर दस्तक देनी पड़ी है।

​सेवानिवृत्ति के मुहाने पर खड़े शिक्षकों की बढ़ी चिंताएं

​बीटीसी शिक्षक पेंशन अधिकार मंच ने ज्ञापन में शिक्षकों के भविष्य को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। शिक्षकों का कहना है कि:

  • ​इस बैच के कई शिक्षक अब सेवानिवृत्ति (Retirement) के बेहद करीब पहुंच चुके हैं।
  • ​कुछ शिक्षक तो बिना पुरानी पेंशन के ही रिटायर भी हो चुके हैं

​पुरानी पेंशन का लाभ न मिलने के कारण रिटायर्ड और रिटायर होने वाले शिक्षकों के सामने बुढ़ापे में आर्थिक असुरक्षा का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। अल्प एनपीएस (NPS) फंड के सहारे जीवन काटना उनके और उनके परिवारों के लिए अत्यंत कठिन साबित हो रहा है।

​मंच के पदाधिकारियों ने जताई सकारात्मक फैसले की उम्मीद

​मुख्यमंत्री को भेजे गए इस ज्ञापन के माध्यम से मंच ने अनुरोध किया है कि सरकार 28 जून 2024 के शासनादेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करे और संबंधित अधिकारियों को अविलंब निर्देश जारी कर इस लंबित प्रकरण को मंजूरी दे, ताकि प्रदेश के हजारों शिक्षक परिवारों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिल सके।

​इस मुहिम का नेतृत्व कर रहे मंच के प्रदेश प्रभारी अतुल कुमार आर्य तथा प्रदेश संगठन मंत्री मथुरेश कुमार शुक्ल सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से कहा ​"हमें उत्तर प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी पर पूरा भरोसा है। शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं और उनके बुढ़ापे की लाठी को छीनना न्यायसंगत नहीं है। हमें पूरी उम्मीद है कि सरकार हमारे इस वैध हक पर जल्द ही कोई सकारात्मक और ऐतिहासिक निर्णय लेगी।"


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