बिहार के प्रशासनिक और सामाजिक ताने-बाने में आज एक बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य की बेटियाँ अब न सिर्फ घर की चारदीवारी से बाहर निकल रही हैं, बल्कि देश और राज्य की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षाओं में अपनी सफलता का परचम लहरा रही हैं। इस सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत के साथ-साथ बिहार सरकार की दूरदर्शी नीतियों का भी एक बहुत बड़ा योगदान है।
अक्सर देखा जाता है कि कई मेधावी छात्राएं अपनी प्रतिभा के दम पर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) या बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की अत्यंत कठिन प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) तो पास कर लेती हैं, लेकिन मुख्य परीक्षा (Mains) और साक्षात्कार (Interview) की महंगी तैयारी, टेस्ट सीरीज़ और अध्ययन सामग्री के लिए उनके पास पर्याप्त आर्थिक संसाधन नहीं होते। कई बार पैसों की तंगी के कारण होनहार बेटियों के सपने बीच में ही दम तोड़ देते हैं।
इसी आर्थिक बाधा को दूर करने और राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को सशक्त बनाने के लिए बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग (महिला एवं बाल विकास निगम) द्वारा "मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना" के तहत "सिविल सेवा प्रोत्साहन राशि योजना" का सफल संचालन किया जा रहा है। यह योजना केवल एक वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि बिहार की बेटियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें राष्ट्र निर्माण की मुख्य धारा में शामिल करने का एक प्रभावी जरिया बन चुकी है।
कितनी मिलेगी प्रोत्साहन राशि?
इस बार, BPSC की 71वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगिता परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली बिहार राज्य की पात्र महिला अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन दिसम्बर 2025 में आमंत्रित किए गए थे। सफल अभ्यर्थियों को ₹50,000 (पचास हजार रुपये) की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खाते में दी जाएगी। (नोट: इसी योजना के अंतर्गत UPSC प्रीलिम्स पास करने पर ₹1,00,000 की राशि देय होती है)।
आधिकारिक सूचना के अनुसार, योग्य महिला अभ्यर्थियों को परीक्षा के स्तर पर निम्नलिखित प्रोत्साहन राशि दी जाएगी:
- BPSC (बिहार लोक सेवा आयोग): प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली महिला अभ्यर्थियों को ₹50,000 की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
- UPSC (संघ लोक सेवा आयोग): प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली महिला अभ्यर्थियों को ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
योजना का मुख्य उद्देश्य
अक्सर देखा जाता है कि कई मेधावी छात्राएं प्रारंभिक परीक्षा तो पास कर लेती हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के लिए बेहतर कोचिंग, किताबें या अन्य जरूरी संसाधन नहीं जुटा पातीं।
योजना का लक्ष्य: "BPSC एवं UPSC की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली बिहार की महिला अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार की तैयारी हेतु प्रोत्साहन राशि प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक मानसिक तनाव के अपने सपनों को साकार कर सकें।"
योजना की मुख्य विशेषताएं और लाभ
- आर्थिक मजबूती: यह राशि सीधे महिला अभ्यर्थियों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी, जिससे वे मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग, टेस्ट सीरीज और अध्ययन सामग्री आसानी से खरीद सकें।
- सशक्तिकरण को बढ़ावा: इससे राज्य की अन्य छात्राओं में भी सिविल सेवा में जाने का हौसला बढ़ेगा।
- समान अवसर: आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाली बेटियों को भी देश और राज्य की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में अपनी प्रतिभा साबित करने का बराबर मौका मिलेगा।
आवेदन के लिए अनिवार्य पात्रता (Eligibility Criteria)
योजना का लाभ लेने के लिए महिला अभ्यर्थियों को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:
- स्थायी निवासी: अभ्यर्थी को अनिवार्य रूप से बिहार राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- वर्ग/श्रेणी: यह लाभ केवल सामान्य वर्ग (General), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) एवं पिछड़ा वर्ग (BC) की महिला अभ्यर्थियों के लिए है। (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अत्यंत पिछड़ा वर्ग श्रेणी की महिलाएं इसके अंतर्गत नहीं आनी चाहिए क्योंकि उनके लिए अलग योजनाएं प्रभावी हैं)।
- परीक्षा: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित 71वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगिता परीक्षा में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।
- एक बार ही लाभ: इस योजना का लाभ किसी भी अभ्यर्थी को जीवन में केवल एक ही बार देय होगा।
- सरकारी सेवा में न हों: पूर्व से किसी भी सरकारी, लोक उपक्रम या राज्य सरकार द्वारा वित्त संपोषित संस्थान की सेवा में कार्यरत या नियोजित अभ्यर्थियों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करते समय अभ्यर्थियों को निम्नलिखित दस्तावेजों की Scanned कॉपी अनिवार्य रूप से अपलोड करनी होगी:
- अभ्यर्थी का नवीनतम फोटो और हस्ताक्षर।
- BPS शपथ पत्र: किसी भी सरकारी/नियोजित सेवा में न होने तथा पूर्व में इस प्रकार की राशि न प्राप्त करने के संबंध में 1st Class Judicial Magistrate या Executive Magistrate के स्तर से निर्गत शपथ पत्र अपलोड करना अनिवार्य है। C 71वीं प्रीलिम्स परीक्षा के एडमिट कार्ड की स्वअभिप्रमाणित (Self-Attested) प्रति।
- सक्षम प्राधिकार द्वारा निर्गत आधार कार्ड और आवासीय प्रमाण-पत्र।
- पिछड़ा वर्ग (BC) की अभ्यर्थियों के लिए सक्षम प्राधिकार द्वारा निर्गत जाति प्रमाण-पत्र।
- सक्रिय बैंक पासबुक: स्वयं के नाम से एक्टिव बैंक पासबुक (जिसमें खाता संख्या और IFSC कोड स्पष्ट दिखे) या एक हस्ताक्षरित रद्द चेक (Cancelled Cheque), जिस पर आवेदक का नाम अंकित हो।
- शपथ पत्र: किसी भी सरकारी/नियोजित सेवा में न होने तथा पूर्व में इस प्रकार की राशि न प्राप्त करने के संबंध में 1st Class Judicial Magistrate या Executive Magistrate के स्तर से निर्गत शपथ पत्र अपलोड करना अनिवार्य है।
महत्वपूर्ण निर्देश
- आवेदकों के पास एक सक्रिय (Active) ई-मेल आई.डी. होना जरूरी है, क्योंकि विभाग द्वारा सभी आवश्यक सूचनाएं इसी ई-मेल पर भेजी जाएंगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे नियमित रूप से अपनी ई-मेल चेक करते रहें।
- आवेदन करते समय सभी जानकारियां बिल्कुल सही-सही भरें। गलत सूचना देकर राशि प्राप्त करने की स्थिति में संबंधित अभ्यर्थी के विरुद्ध वैधानिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


