प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के बुनियादी शिक्षा विभाग (Basic Education Department) ने अनुशासनहीनता और लापरवाही के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। प्रयागराज जिले के विभिन्न परिषदीय विद्यालयों में लंबे समय से बिना किसी सूचना के गायब चल रही 9 महिला शिक्षिकाओं को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) अनिल कुमार ने यह सख्त आदेश जारी किया है। विभाग द्वारा इन शिक्षिकाओं को अपना पक्ष रखने के लिए पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब न मिलने के बाद अंततः इनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं।
सालों से ड्यूटी से गायब थीं शिक्षिकाएं
बर्खास्त की गई शिक्षिकाओं में से कुछ तो पिछले 4 से 6 सालों से बिना बताए स्कूल ही नहीं आ रही थीं। बीएसए अनिल कुमार के मुताबिक, बिना किसी पूर्व सूचना या आधिकारिक अवकाश के इतने लंबे समय तक गायब रहना बेहद गंभीर लापरवाही है। इससे न केवल बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी, बल्कि विभागीय नियमों का भी खुला उल्लंघन किया जा रहा था।
इन शिक्षिकाओं पर हुई कार्रवाई (कब से थीं गैरहाजिर):
- असमत जहां: प्राथमिक विद्यालय लखनपुर (भगवतपुर) – 7 जनवरी 2020 से लगातार गायब।
- रीता देवी: प्राथमिक विद्यालय बरेठी (सैदाबाद) – 1 जुलाई 2020 से अनुपस्थित।
- हेना परवीन: प्राथमिक विद्यालय पथीपुर (कोड़िहार प्रथम) – 1 अक्टूबर 2021 से अनुपस्थित।
- किरन त्रिपाठी: प्राथमिक विद्यालय मिश्र धनुपुर – 21 नवंबर 2022 से गैरहाजिर।
- वंदना वर्मा: प्राथमिक विद्यालय बंधवापार (करछना) – 1 जनवरी 2024 से गायब।
- जया भार्गव: कंपोजिट विद्यालय जुगनीडीह (बहरिया) – 15 फरवरी 2024 से अनुपस्थित।
- ज्योति यादव: प्रावि सरपतिपुर (बहादुरपुर) – 20 मई 2025 से गैरहाजिर।
- आकांक्षा रस्तोगी: कोड़ापुर प्रथम (फूलपुर) – 22 जुलाई 2025 से अनुपस्थित।
- अंकिता साहू: प्रावि खीरी रमगढ़ (कोरांव) – 31 अगस्त 2025 से बिना सूचना गायब।
विभाग का सख्त संदेश
बेसिक शिक्षा विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से जिले के शिक्षक महकमे में हड़कंप मच गया है।
"शिक्षकों का काम बच्चों को भविष्य देना है, न कि बिना सूचना के गायब रहकर व्यवस्था को ठप करना। लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगे भी ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।"— अनिल कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA), प्रयागराज


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