देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के बढ़ते चलन को रफ्तार देने और चार्जिंग के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। भारी उद्योग मंत्रालय ने पीएम ई-ड्राइव (PM E-Drive) योजना के तहत देश के 8 राज्यों और 3 बड़ी सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों के लिए 500 करोड़ रुपये से अधिक का बजट मंजूर किया है। इस राशि से देशभर में 4,874 नए ईवी चार्जर और चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश को एक बड़ा हिस्सा मिला है। यूपी में 61.33 करोड़ रुपये की लागत से 714 चार्जिंग स्टेशन तैयार किए जाएंगे, जिससे राज्य में ईवी कनेक्टिविटी बेहद मजबूत हो जाएगी।
कहाँ-कहाँ लगेंगे ये चार्जिंग स्टेशन?
आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन चार्जिंग स्टेशनों के लिए ऐसे स्थानों को चुना गया है जहाँ वाहनों का आना-जाना सबसे ज्यादा होता है। इन्हें निम्नलिखित सार्वजनिक जगहों पर लगाया जाएगा:
- नेशनल हाईवे (National Highways) और एक्सप्रेसवे
- मेट्रो स्टेशन और रेलवे स्टेशन
- प्रमुख सार्वजनिक स्थल और पेट्रोल पंप
कब तक शुरू हो जाएगी सुविधा?
मंत्रालय की योजना इस प्रोजेक्ट को बेहद तेजी से पूरा करने की है:- पहला चरण (6 महीने): पहले चरण में स्वीकृत किए गए चार्जिंग स्टेशनों को अगले 6 महीनों के भीतर शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
- दूसरा चरण (1 वर्ष): भारी उद्योग मंत्रालय ने अन्य राज्यों से भी जल्द से जल्द अपने प्रस्ताव भेजने को कहा है, ताकि अगले एक साल के भीतर पूरे देश में इस नेटवर्क को चालू किया जा सके।
क्यों हुई इस प्रोजेक्ट में देरी?
यह योजना अक्टूबर 2024 में ही शुरू की गई थी, लेकिन कुछ तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतों के कारण काम जमीन पर नहीं उतर सका था।- बढ़ती लागत बनी थी रुकावट: राज्यों का तर्क था कि चार्जिंग स्टेशन तक बिजली पहुँचाने, ट्रांसफार्मर-मीटर लगाने और प्लेटफॉर्म बनाने (Upstream Expenses) के लिए जो खर्च तय किया गया था, वह कोरोना काल के समय का था।
- मंत्रालय ने किया समाधान: पिछले कुछ वर्षों में केबल, बिजली मीटर और अन्य उपकरणों के दाम काफी बढ़ चुके थे। राज्यों की मांग पर भारी उद्योग मंत्रालय ने इन कीमतों में संशोधन (Revised) किया, जिसके बाद अब काम शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है।


