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TET अनिवार्यता मामला: सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्रार कोर्ट ने रिस्पांडेंट को जवाब दाखिल करने के लिए दिया 4 सप्ताह का समय

Sir Ji Ki Pathshala 0

नई दिल्ली: शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता और अल्पसंख्यक संस्थानों (Minority Institutions) पर इसके प्रभाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही कानूनी प्रक्रिया के तहत आज, 2 अप्रैल 2026 को रजिस्ट्रार कोर्ट नंबर 1 में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। "अंजुमन इशात ए तालीम" ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र राज्य एवं अन्य के इस मामले में कोर्ट ने प्रक्रियात्मक कार्यवाही को आगे बढ़ाया है।

TET Supreme Court Case Update April 2026

आज की सुनवाई का मुख्य विवरण

​आज यह मामला रजिस्ट्रार कोर्ट नंबर 1 की डेली कॉज लिस्ट (Daily Cause List) में सूचीबद्ध था। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने प्रतिवादियों (Respondents) के पक्ष को सुना और उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए समय प्रदान किया।

  • कोर्ट का निर्देश: रजिस्ट्रार कोर्ट ने रिस्पांडेंट को जवाब देने के लिए 4 सप्ताह का समय दिया है।
  • सुनवाई का स्वरूप: यह सुनवाई मुख्य रूप से प्रशासनिक और लिस्टिंग उद्देश्यों (Listing/Miscellaneous) के लिए थी। मुख्य सिविल अपील (C.A. No. 1385/2025) के साथ जुड़ी रिट याचिकाओं (Writ Petition (C) Nos. 1125/2025 और 1248/2025) पर एडमिशन स्टेज के लिए विचार किया गया।

केस की वर्तमान स्थिति

​मुख्य सिविल अपील में अंजुमन इशात ए तालीम ट्रस्ट की ओर से अधिवक्ता शकील अहमद सैयद पक्ष रख रहे हैं, वहीं महाराष्ट्र सरकार की ओर से आदित्य अनिरुद्ध पांडे व अन्य अधिवक्ता पैरवी कर रहे हैं। गौरतलब है कि आज मुख्य अपील और रिव्यू पिटिशन पर कोई विस्तृत सुनवाई नहीं हुई, बल्कि जुड़े हुए मामलों (Connected Matters) की प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी की गई।

मामले का बैकग्राउंड: TET और अल्पसंख्यक संस्थान

​यह पूरा विवाद शिक्षा के अधिकार कानून (RTE Act) और अल्पसंख्यक स्कूलों में TET की अनिवार्यता से जुड़ा है। सितंबर 2025 के ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि:

  1. गैर-अल्पसंख्यक स्कूलों में TET अनिवार्य है।
  2. इन-सर्विस टीचर्स को पात्रता हासिल करने के लिए 2 वर्ष का समय दिया गया है।
  3. अल्पसंख्यक संस्थानों के मामले में 'प्रमती एजुकेशनल ट्रस्ट' के फैसले से जुड़े कुछ संवैधानिक बिंदुओं को लार्जर बेंच (Larger Bench) को रेफर किया गया है।

​चूंकि लार्जर बेंच का संदर्भ (Reference) अभी लंबित है, इसलिए रजिस्ट्रार कोर्ट वर्तमान में इससे संबंधित कागजी कार्यवाही और जवाब-दावा (Pleadings) की प्रक्रिया को पूरा कर रही है। अब सभी पक्षों की नजरें 4 सप्ताह बाद होने वाली अगली प्रक्रिया पर टिकी हैं।

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