लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 'जीरो ड्रॉपआउट' के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु कमर कस ली है। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी नवीनतम आधिकारिक आदेश के अनुसार, अब कक्षा 5 और कक्षा 8 उत्तीर्ण करने वाले प्रत्येक छात्र की अगली कक्षा में मैपिंग करना अनिवार्य कर दिया गया है।
इस महत्वपूर्ण पहल का उद्देश्य प्राथमिक से उच्च प्राथमिक और उच्च प्राथमिक से माध्यमिक स्तर पर जाने वाले छात्रों के बीच होने वाले 'लर्निंग गैप' और 'ड्रॉपआउट' को पूरी तरह समाप्त करना है।
डिजिटल ट्रैकिंग: 'प्रेरणा पोर्टल' पर नया मॉड्यूल सक्रिय
शासन ने इस बार तकनीकी का सहारा लेते हुए 'प्रेरणा पोर्टल' पर एक नया मॉड्यूल "Passout Student Analytic" विकसित किया है। इस प्रणाली के माध्यम से विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि कक्षा 5 या 8 पास करने वाला छात्र वास्तव में अगली कक्षा में नामांकित हुआ है या नहीं।
मुख्य दिशा-निर्देश और प्रक्रिया:
- अनिवार्य लॉगिन: संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से prernaup.in पर लॉगिन करना होगा।
- छात्र विवरण: डैशबोर्ड पर 'Passout Student Analytic' विकल्प के अंतर्गत कक्षा 5 एवं 8 के उत्तीर्ण छात्रों की सूची प्रदर्शित होगी।
- मैपिंग प्रक्रिया: शिक्षक को प्रत्येक छात्र के नाम के सम्मुख 'Register Student' विकल्प पर क्लिक करना होगा और उस छात्र ने जिस नए विद्यालय में प्रवेश लिया है, उसका U-DISE कोड दर्ज कर विवरण सुरक्षित करना होगा।
- समय सीमा: यह संपूर्ण प्रक्रिया 01 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 के मध्य 'स्कूल चलो अभियान' के दौरान पूर्ण की जानी है।
इन छात्रों पर रहेगा विशेष फोकस
आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि विभाग का प्राथमिक लक्ष्य निम्नलिखित श्रेणियों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में बनाए रखना है:
- विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (CWSN)
- वंचित वर्ग एवं समुदाय की बालिकाएं
- ईंट-भट्ठों या अन्य क्षेत्रों में कार्यरत कामकाजी बच्चे
- सुदूर भौगोलिक क्षेत्रों में रहने वाले छात्र
सख्त निगरानी और तकनीकी सहायता
इस कार्य की संवेदनशीलता को देखते हुए, इसकी निगरानी का ढांचा त्रिस्तरीय रखा गया है:
- ब्लॉक स्तर: खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) द्वारा दैनिक प्रगति की समीक्षा।
- जनपद स्तर: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) द्वारा नियमित मॉनिटरिंग।
- राज्य स्तर: प्रत्येक सप्ताह राज्य मुख्यालय द्वारा प्रगति रिपोर्ट का विश्लेषण।
सहायता केंद्र: यदि किसी शिक्षक को पोर्टल पर डाटा फीडिंग के दौरान तकनीकी समस्या आती है, तो वे विद्या समीक्षा केंद्र के हेल्पलाइन नंबर 0522-3538777 पर संपर्क कर समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
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